आर के सिंह ने कहा, तपोवन हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट बंद नहीं होगा

देहरादून। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने सोमवार को तपोवन क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने से हुए नुकसान के आंकलन को क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने साफ किया कि किसी भी स्थिति में प्रोजेक्ट को बंद नहीं किया जाएगा। पहले मलबा साफ होगा। साढ़े तीन हजार करोड़ के इस प्रोजेक्ट को करीब 1500 करोड़ का नुकसान पहुंचा है।केंद्रीय मंत्री ने नुकसान वाले क्षेत्रों का दौरा किया। आस पास के प्रभावितों से बात की। उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। स्थानीय प्रशासन से भी नुकसान की जानकारी ली। घटना के कारणों और नुकसान की जानकारी एनटीपीसी के अफसरों से ली। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को 2023 में कमीशन होना था।
इसका 80 प्रतिशत पूरा हो चुका था। इस घटना से करीब 1500 करोड़ का नुकसान पहुंचा है। अभी जो आंकलन हुआ है, उसमें अभी इतने ही नुकसान का आंकलन हुआ है। आगे और पड़ताल में स्थिति साफ होगी। फिलहाल पहली प्राथमिकता राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर की जा रही है। कहा कि अभी प्रोजेक्ट क्षेत्र में टनों सिल्ट भर गई है। इसके बावजूद समय पर स्थिति को नियंत्रित कर लिया जाएगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में साफ किया कि इस प्रोजेक्ट को किसी भी सूरत में स्क्रैप घोषित नहीं किया जाएगा। इसे दोबारा तैयार किया जाएगा।
बैराज न होता, तो ज्यादा होता नुकसान
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तपोवन विष्णुप्रयाग हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट का यदि बैराज न होता तो नुकसान बहुत ज्यादा होता। इस बैराज के कारण पानी का बहाव काफी कम हुआ। जिससे आगे नुकसान नहीं हुआ। बैराज न होने पर ये नुकसान जोशीमठ से आगे तक होता। इस घटना से आर्थिक नुकसान से ज्यादा लोगों की जो जान माल का नुकसान हुआ है, वो हमारे लिए अधिक परेशानी की बात है।
चार लाख दिया जाएगा मुआवजा
केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने कहा कि मृतकों के आश्रितों को चार लाख मुआवजा दिया जा रहा है। अभी ये तय किया गया है। आगे और देखा जाएगा। प्रभावितों में अभी अधिकतर स्थानीय लोग ही हैं।
-एजेंसियां

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