ब्रिटेन को आपदा से बाहर निकालने की जिम्‍मेदारी निभा रहे हैं ऋषी सुनक

लंदन। ब्रिटेन में कोरोना वायरस के चलते 12,107 लोगों की मौत हो चुकी है। देश के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन खुद कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्पताल से इलाज के बाद वापस लौटे हैं। ऐसे में देश को आपदा से बाहर निकालने के लिए एक अहम जिम्मेदारी भारतीय मूल के वित्त मंत्री ऋषी सुनक निभा रहे हैं। उन्होंने देश में आर्थिक हालात सुधारने के लिए बजट का ऐलान किया है।
कोरोना से लड़ने के लिए फंड का ऐलान
उन्होंने ऐलान किया कि 14 बिलियन पाउंड कोरोना वायरस के इमरजेंसी रिस्पॉन्स फंड से NHS और लोकल अथॉरिटी जैसी पब्लिक सर्विस के लिए खर्च किए जाएंगे। इस फंडिंग में 6 बिलियन पाउंड हेल्थ सर्विसेज, अस्पताल के बेड्स, वेंटिलेटर्स, डायग्नॉस्टिक्स और सुरक्षा उपकरण पर खर्च किए जाएंगे। 1.6 बिलियन पाउंड लोकल अथॉरिटीज की फंडिंग के लिए दिए जाएंगे।
ब्रेग्जिट का समर्थन
सुनक इन्फोसिस के चेयरमैन रह चुके नारायण मूर्ति के दामाद हैं। वह यॉर्कशायर के रिचमंड से सांसद रह चुके हैं। 2015 में संसद में कदम रखन वाले ऋषि कन्जर्वेटिव पार्टी के उन नेताओं में से हैं जो जॉन्सन के यूरोपियन यूनियन से बाहर निकलने के फैसले का समर्थन करते हैं। उनका मानना है कि ब्रिटेन में छोटे बिजनेस ब्रेग्जिट के नतीजे के तौर पर बेहतर परफॉर्म करेंगे। सुनक पहले राजकोष के चीफ सेक्रटरी रह चुके हैं और वित्त मंत्री के सेकंड इन कमांड भी रह चुके हैं।
ऑक्सफर्ड-स्टैनफर्ड में पढ़ाई
1980 में सुनक ने विंचेस्टर कॉलेज से पढ़ाई पूरी की और ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी से इकॉनमिक्स, फिलॉसफी, पॉलिटिक्स की पढ़ाई की। अमेरिका की स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी से वह एमबीए भी पूरा कर चुके हैं। राजनीति में आने से पहले इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स और हेज फंड में बी काम कर चुके हैं। उन्होंने इन्वेस्टमेंट फर्म भी बनाई। उन्होंने 10 करोड़ पाउंड की एक ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म और छोटे ब्रिटिश बिजनस की स्थापना भी की। सुनक के पिता डॉक्टर थे और मां केमिस्ट की दुकान चलाती थीं। वे पंजाब से लंदन गए थे।
-एजेंसियां

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