रक्षा मंत्रालय की जांच र‍िपोर्ट में खुलासा, कोस्टगार्ड के शीर्ष अधिकारियों की एसीआर से छेड़छाड़, होगी कड़ी कार्यवाही

नई द‍िल्‍ली। भ्रष्टाचार और अनैतिक गतिविधियों के मामलों में जीरो टालरेंस के लिए जाने जाने वाले रक्षा मंत्रालय की जांच में सामने आया है कि‍ भारतीय तटरक्षक बल (कोस्टगार्ड) के शीर्ष अधिकारियों की लगभग 20 सालाना गोपनीय रिपोर्ट (20 annual confidential reports)  में हेराफेरी की गई है।

जालसाजी के आरोपों की जांच तब शुरू हुई जब महानिरीक्षक रैंक के एक अधिकारी ने रक्षा मंत्रालय से शिकायत की कि उनके व्यक्तिगत रिकार्ड में हेराफेरी की गई जिसके कारण योग्यता में बदलाव के कारण उनके अंक कम हो गए।

वरिष्ठ अधिकारी के आदेश पर एक प्रमोशन बोर्ड भंग

एक वरिष्ठ अधिकारी के आदेश पर एक प्रमोशन बोर्ड भंग किया जा चुका है। इस मामले में रक्षा मंत्रालय अपनी जांच पूरी करने और सरकार को समयबद्ध तरीके से उपचारात्मक उपाय सुझाने की दिशा में भी काम कर रहा है।

रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की और कहा कि रक्षा मंत्रालय के आदेश पर आरोपों की आंतरिक जांच अभी भी जारी है। सूत्रों ने कहा कि दो संयुक्त सचिव जांच का हिस्सा हैं। अब तक यह सामने आया है कि अतिरिक्त महानिदेशक स्तर के अधिकारियों की कई मूल्यांकन रिपोर्ट आश्चर्यनक तरीके से गायब हैं। उन्होंने कहा कि रिकार्ड गायब होने से वरिष्ठतम स्तर पर नियुक्ति के समय अधिकारियों की वरिष्ठता में गड़बड़ी हो सकती है।

20 सालाना गोपनीय रिपोर्ट में ओवरराइटिंग और व्हाइटनर का इस्तेमाल

इस आंतरिक जांच में कथित जालसाजी और दस्तावेजों में हेराफेरी के लिए जिम्मेदारी तय करने की बात भी शामिल होगी।करीब 20 सालाना गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में ओवरराइटिंग और व्हाइटनर का इस्तेमाल देखा गया है। मंत्रालय के शीर्ष पदाधिकारियों ने निर्देश दिया है कि किसी को बचाया नहीं जाना चाहिए। जालसाजी के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

– एजेंसी

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