भारत के Human Space Flight Program की जिम्मेदारी महिला साइंटिस्ट ललिताम्बिका को सौंपी

नई दिल्‍ली। भारत के रॉकेट प्रोग्राम को तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाली साइंटिस्ट वी.आर. ललिताम्बिका को Human Space Flight Program की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने ऐलान किया था कि भारत 2022 में अंतरिक्ष पर मानव मिशन भेजेगा। इस मिशन पर 10,000 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। देश के लिए यह गर्व की बात है कि इस महत्वाकांक्षी मिशन का नेतृत्व एक महिला के हाथों होगा।
1. लॉन्च वीकल टेक्नॉलजी में योगदान के लिए ललिताम्बिका को ऐस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया का ऐक्सिलेंस अवॉर्ड मिल चुका है। अब वह अंतरिक्ष पर भारत के मानव मिशन का नेतृत्व करेंगी। यदि यह अभियान सफल रहता है तो रूस, चीन और अमेरिका के बाद यह कामयाबी हासिल करने वाला भारत चौथा देश होगा।
2. रॉकेट के ऑटोपायलट्स को बनाने के काम का भी वह नेतृत्व कर चुकी हैं। ललिताम्बिका ने जियोसिन्क्रोनस सैटलाइट लॉन्च वीकल एमके-3 के डिजाइन का रिव्यू करने वाली टीम का नेतृत्व किया है।
3. तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर की डेप्युटी डायरेक्टर भी रह चुकी हैं। इसरो के मौजूदा चेयरमैन के. सिवान उस दौरान स्पेस सेंटर के निदेशक थे।
4. ललिताम्बिका 1988 में वीएससीसी में शामिल हुई थीं। वह इस केंद्र में कंट्रोल, गाइडेंस और साइमुलेशमन रिसर्च वर्क की प्रभारी रही हैं। साधारण शब्दों में कहें तो रॉकेट को उड़ाने की जिम्मेदारी इनके कंधों पर होती है।
5. इसरो ने 2004 में ह्यूमन स्पेसफ्लाइट का प्लान बनाया था। इसके बाद से ही स्पेस एजेंसी ऐसी तकनीकों को विकसित करने पर काम कर रही है, जिनका काम ऐसे मिशन के लिए ब्लॉक तैयार करना है।
6. सबसे महत्वपूर्ण वह कैप्सूल है, जो मानवों को लेकर अंतरिक्ष की कक्षा में प्रवेश कर सकता है।
7. इसरो प्रोटोटाइप के जरिए इस कैप्सूल का सफलतापूर्वक प्रदर्शन कर चुका है। जुलाई में उसने पैड एबोर्ट टेस्ट (PAD) भी किया था। यह क्रू मॉडल है, जो रॉकेट के नाकाम रहने पर कैप्सूल को रॉकेट से अलग कर देता है।
8. ललिताम्बिका पर इस तरह की कई टेक्नोलॉजी तैयार करने और उसके परीक्षण की जिम्मेदारी होगी।
9. ललिताम्बिका देश के पहले मानव मिशन की परियोजना में निजी क्षेत्र का भी सहयोग हासिल करेंगी। इसके अलावा वह एक्सपर्ट, भारतीय वायु सेना, डीआरडीओ और विदेशी संस्थानों से मिलकर काम करेंगी।
10. रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री की जिम्मेदारी महिलाओं के हाथ में होने के बाद अंतरिक्ष के इस महत्वपूर्ण मिशन की जिम्मेदारी भी एक महिला के हाथों में होना गौरव की बात है।
-एजेंसियां

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