रिसर्च: विटामिन-डी की कमी से कोरोना की चपेट में जल्‍द आने की संभावना

कोरोना वायरस से संबंधित कई अलग-अलग रिसर्च में यह बात साबित हो चुकी है कि जिन लोगों के शरीर में विटामिन-डी की कमी होती है, वे लोग कोरोना वायरस की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। अब एक बार फिर कोरोना ने विकराल रूप ले लिया है और हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे कोरोना वायरस की दूसरी लहर का नाम दे रहे हैं।
ऐसे में बहुत जरूरी हो जाता है कि आप संक्रमण से बचाव के लिए अपने भोजन में उन चीजों को शामिल करें, जिनसे आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन-डी की प्राप्ति हो सके। आपको याद दिला दें कि हमारे देश में आधी से अधिक आबादी विटामिन-डी की कमी से जूझ रही है। अंतर सिर्फ इतना है कि किसी में इसकी बहुत अधिक कमी है और किसी में कम लेकिन बहुत ही कम लोग ऐसे हैं, जिनके शरीर में विटामिन-डी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो।
शरीर कैसे मिलता है विटामिन डी?
-शरीर को विटामिन-डी की प्राप्ति आमतौर पर सूर्य की रोशनी और मीट के सेवन से अधिक मात्रा में मिलता है लेकिन जो लोग शाकाहारी हैं और जो लोग धूप में बैठने के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं, उन्हें अपने भोजन में यहां बताई गई कुछ खास चीजों को शामिल करना चाहिए ताकि वे इस विटामिन की कमी को बिना दवाइयों के पूरा कर सकें।
मीट और सब्जी से मिलता अलग विटामिन-डी
-आपको बता दें कि मीट से जो विटामिन-डी प्राप्त होता है। वह विटमिन-डी 3 है और प्राकृतिक रूप से विटामिन-डी से युक्त फूड्स जैसे मशरूम और शकरकंद से प्राप्त होने वाला विटामिन-डी 2 होता है।
-जबकि एक व्यक्ति को स्वस्थ जीवन जीने के लिए विटामिन-डी 2 और विटमिन-डी 3 दोनों की ही सख्त जरूरत होती है क्योंकि डी2 रक्त का प्रवाह संतुलित बनाए रखने का काम करता है तो डी3 हड्डियों को मजबूती देने का काम करता है।
फोर्टिफाइड दूध के जरिए
-कई देशों में गाय का दूध और प्लांट बेस्ड मिल्क जैसे सोया दूध इत्यादि को विटामिन-डी के साथ फोर्टिफाइड किया जाता है। अगर आप बाजार से डिब्बाबंद दूध या पैकेट दूध खरीद रहे हैं तो उसकी पैकिंग पर दी गई जानकारी के माध्यम से यह जान सकते हैं कि क्या आपके द्वारा खरीदे जा रहे दूध में विटामिन-डी है।
फोर्टिफाइड ऑरेंज जूस
-मार्केट में जो पैक्ड ऑरेंज जूस आते हैं, उनमें से आप संतरे के जूस का चुनाव यह देखकर करें कि किस जूस में विटामिन-डी मिलाया गया है। फोर्टिफाइड ऑरेंज जूस का एक गिलास आप अपने नाश्ते में ले सकते हैं। यह विटामिन-डी की आपकी जरूरत को 10 से 12 प्रतिशत तक पूरा कर सकता है।
सिरीयल और ओटमील्स
-सिरीयल और इंस्टंट ओटमील्स को विटामिन-डी के साथ फॉर्टिफाइड किया जाता है इसलिए इन फूड्स को अपने नाश्ते और स्नैक्स टाइम में लेकर आप अपने शरीर में विटामिन-डी की कमी को पूरा कर सकते हैं।
-हालांकि इन दोनों ही भोज्य पदार्थों से आपको इतना विटामिन-डी नहीं मिलता है कि एक दिन की जरूरत पूरी हो जाए लेकिन इन्हें खाकर आप अपने शरीर में इस विटामिन की मात्रा को बढ़ा सकते हैं।
अंडे की जर्दी (Egg Yolks)
-अंडे के अंदर मौजूद पीला भाग बहुत ही अधिक पौष्टिक और प्रोटीन से भरपूर होता है। इसका मुख्य काम Embryo के विकास के लिए फूड की सप्लाई करना होता है। जब अंडे के इस भाग का सेवन किसी मनुष्य द्वारा किया जाता है तो यह शरीर को विटमिन-डी के साथ ही कई दूसरे जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है।
मछली का सेवन
-सेलमन, डिब्बाबंद टूना फिश, कोड लिवर ऑइल, हेरिंग फिश इत्यादि नॉनवेज लोगों के लिए विटामिन-डी पाने के खास विकल्प हैं। जो लोग अपनी डायट में नियमित रूप से इन चीजों का सेवन करते हैं, उन्हें कभी भी विटामिन-डी की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है।
-एजेंसियां

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