‘Bloomberg’ की रिपोर्ट: 2029 तक भारत के प्रधानमंत्री रह सकते हैं नरेन्‍द्र मोदी

‘Bloomberg’ ने एक रिपोर्ट पेश की है जिसमें दुनिया के 16 देशों के नेताओं के राजनीतिक करियर की उम्र के बारे में बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2019 ही नहीं बल्कि 2024 का भी चुनाव जीत सकते हैं और वह 2029 तक भारत के पीएम बने रह सकते हैं।
दरअसल बात जब जलवायु परिवर्तन, गरीबी या शांति स्थापित करने जैसी लंबी अवधि की वैश्विक चुनौतियों से निपटने की हो तो यह पहचानना भी बेहद जरूरी हो जाता है कि कौन से नेताओं में लंबे समय तक इनसे निपटने की क्षमता है।
नरेंद्र मोदी
अब जब आम चुनाव में लगभग 10 महीने का समय रह गया है तो ऐसे में ‘Bloomberg’ की रिपोर्ट कहती है 2019 आम चुनावों में नरेंद्र मोदी साफ तौर पर जीतते नजर आ रहे हैं यानी 130 करोड़ की आबादी वाले देश पर 2024 तक पीएम मोदी ही राज करेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक 67 साल के मोदी अभी तक सबसे लोकप्रिय भारतीय नेता हैं। विपक्षी कांग्रेस पार्टी में करिश्माई नेता की कमी को भी पीएम मोदी की जीत की एक बड़ी वजह बताया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक भले ही बीजेपी सरकार की नीतियां अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह हो लेकिन आम जनता के बीच इन नीतियों को लेकर सकारात्मक भाव है। सिंगापुर की कंसल्टेंसी कंपनी क्रोल में मैनेजिंग डायरेक्टर रेशमी खुराना कहती हैं, ‘2019 के बाद मोदी का विजय रथ उनकी भारी लोकप्रियता की वजह से 2024 तक पहुंच सकता है।’
शी चिनफिंग
इसी साल फरवरी महीने में चीन ने राष्ट्रपति के कार्यकाल की सीमा को हटा दिया था, जिसके बाद सबसे बड़ा सवाल है कि शी चिनफिंग कितने सालों तक इस पद पर रहेंगे? शी साल 2012 में चीन के राष्ट्रपति बने थे। चीन में इकनॉमिस्ट इंटेलिजेंट यूनिट में रीजनल मैनेजर टॉम रैफर्टी कहते हैं, ‘शी ने चीन को लेकर अपनी लंबे समय तक चलने वाली योजनाओं से पर्दा उठा दिया है, जिससे यह भी साफ है कि अगर उनका स्वास्थ्य ठीक रहता है तो वह अगले एक दशक यानी 10 साल तक तो चीन के राष्ट्रपति रहेंगे ही।’
किम जोंग-उन
अपने पिता किम जोंग-इल की मौत के बाद साल 2011 में किम जोंग-उन उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता बने थे। विशेषज्ञों का कहना है कि तख्तापलट, हत्या या अमेरिका के साथ युद्ध ही ऐसे जोखिम हैं जो किम जोंग को उनके पद से हटा दें लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो किम जोंग संभवतः तब तक उत्तर कोरिया पर अगले कई दशकों तक अपना नियंत्रण रखेंगे, जैसे उनके पिता और दादा ने रखा था। किम कि उम्र फिलहाल 35 साल से कम है, जिसका मतलब है कि अगर उनका स्वास्थ्य ठीक रहा तो वह अगले 40 से 50 साल सत्ता में बने रहेंगे।
व्लादिमीर पुतिन
18 साल से रूस की सत्ता में बने हुए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी सरकार को किसी भी तरह के खतरे को खत्म कर दिया है। इसी साल दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के बाद वह 2024 तक इस पद पर रहेंगे लेकिन इसके बाद संविधान के मुताबिक उन्हें चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं होगी। हालांकि, एक्सपर्ट्स को यह आशंका है कि सत्ता पर पकड़ रखने के लिए पुतिन एक बार फिर संविधान में बदलाव कर सकते हैं।
आर. पॉलिटिक थिंक टैंक में पॉलिटिकल ऐनालिस्ट टैटियाना स्तानोवाया के मुताबिक पुतिन चाहते हैं कि उनके पद से हटने के बाद भी उनका उत्तराधिकारी देश के बड़े फैसले उन्हीं से पूछ कर ले। उन्हें कुछ ऐसा सिस्टम बनाना होगा जिससे उनके पद से हटने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी रहे।’
मोहम्मद बिन सलमान
मोहम्मद बिन सलमान को साल 2017 में ही सऊदी अरब के किंग सलमान और उनके पिता ने अपना उत्तराधिकारी चुना था। महज 32 साल के बिन सलमान ने यूं तो किंग बनने से पहले ही बड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि वह अभी अगले 50 सालों तक देश पर राज करेंगे। वॉशिंगटन की जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में मिडिल ईस्ट स्पेशलिस्ट पॉल सलिवन के मुताबिक ‘अगर वह स्वस्थ रहते हैं और देश की राजनीति, संस्कृति समुदाय और अर्थव्यवस्था इसी तरह लंबे समय तक शासन करने वालों के पक्ष में रहे तो वह 50 से ज्यादा साल तक देश के नेता रह सकते हैं।’
डॉनल्ड ट्रंप
2017 में अमेरकी राष्ट्रपति पद संभालने वाले डॉनल्ड ट्रंप के एक साल के कार्यकाल में बेरोजगारी कम हुई है लेकिन अभी भी यह वोट में तब्दील हुआ है या नहीं यह कहना मुश्किल है। ब्लूमबर्ग के अध्ययन के मुताबिक 71 साल के ट्रंप को किसी भी अमेरिकी नेता की तुलना में सबसे कम स्वीकार्यता मिली है। वॉशिंगटन में अमेरिकन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर जेनिफर लॉलेस के मुताबिक ‘बहुत से लोग यह कयास लगा रहे हैं कि ट्रंप अपना मौजूदा कार्यकाल भी पूरा नहीं कर पाएंगे। हालांकि, फिलहाल कुछ ऐसा होता नजर नहीं आ रहा।’ अगर ट्रंप 2020 में दोबारा चुने जाते हैं तो भी संवैधानिक व्यवस्था के तहत वह 2024 का राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ सकते।
-एजेंसी

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