अब UGC को खत्‍म कर हायर एजुकेशन कमिशन ऑफ इंडिया की तैयारी, ड्रॉफ्ट तैयार

UGC के स्थान पर बने नए नियामक संस्‍था को उच्च शिक्षा कमीशन ऑफ इंडिया एक्ट 2018 के नाम से जाना जाएगा

नई दिल्‍ली। अब UGC को खत्‍म करके केंद्र सराकर नया उच्च शिक्षा आयोग लाने की तैयारी कर रही है, इसके लिए ड्रॉफ्ट भी तैयार कर लिया गया है। मानसून सत्र में इसे पेश किया जाएगा।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय देश के विश्वविद्यालयों को रेग्युलेट करने वाली संस्था विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को खत्म कर उसकी जगह नई नियामक लाने की तैयारी में है।

मंत्रालय ने इसका ड्रॉफ्ट भी तैयार कर लिया है। ड्रॉफ्ट के अनुसार भारत का नया उच्च शिक्षा आयोग पूरी तरह अकादमिक मामलों पर ध्यान केंद्रित करेगा जबकि वित्तीय अधिकार मंत्रालय के अधीन होंगे। मानसून सत्र में सरकार इस ड्रॉफ्ट को संसद में पेश कर सकती है।

UGC को खत्म करने के लिए सरकार ने जो ड्रॉफ्ट बनाया है उसे उच्च शिक्षा कमीशन ऑफ इंडिया एक्ट 2018 के नाम से जाना जाएगा। शिक्षा मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने सभी शिक्षाविदों, हितधारकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वो इस ड्रॉफ्ट पर मंत्रालय की वेबसाइट पर टिप्पणी और सलाह दे सकते हैं।

पहली बार, नियामक के पास अकादमिक गुणवत्ता मानकों को लागू करने की शक्तियां होंगी। उसे फर्जी संस्थानों को बंद करने का आदेश देने का अधिकार भी होगा। ड्रॉफ्ट के अनुसार अनुपालन नहीं करने पर जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है।

वर्तमान में, UGC जनता को सूचित करने के लिए अपनी वेबसाइट पर फर्जी संस्थानों के नाम जारी करता है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है।

UGC के विपरीत, एचईसीआई के पास अनुदान कार्य नहीं होंगे और केवल अकादमिक मामलों पर ध्यान केंद्रित करेगा। मंत्रालय अनुदान कार्यों से निपटेंगे। हालांकि सरकार के इस कदम पर दूसरी पार्टियां विरोध जता रही है। विपक्ष का कहना है कि सरकार का ये कदम हायर एजुकेशन में पब्लिक फंडिंग को खत्म कर देगा जिससे एक बार फिर प्राइवेट सेक्टर को मनमानी का मौका मिल जाएगा।
मंत्रालय ने एआईसीटीई (AICTE) और UGC के नए नियमों को हायर एजुकेशन एंपावरमेंट रेगुलेशन एजेंसी का गठन किया था।

-Legend News

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