गायत्री मंत्र और योग से दूर करें नकारात्मकता: डा. कामाख्या

मथुरा। संस्कृति विवि के स्कूल आफ मेडिकल एंड अलाइड साइंसेज द्वारा साइको-फिजियोलाजिकल एप्रोच टू योगा एंड स्प्रिचुअलटी विषय पर एक उपयोगी वेबिनार का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता संस्कृत विवि हरिद्वार उत्तराखंड के योग विभागाध्यक्ष डॉ. कामाख्या कुमार थे। वेबिनार में योग और आध्यात्म के माध्यम से शरीर के नकारत्मक प्रभाव को कम करने के तरीकों पर विस्तार से बताया गया।

वेबिनार के मुख्य वक्ता डॉ. कामाख्या कुमार ने वेबिनार में उपस्थित लोगों को गायत्री मंत्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए गायत्री मंत्र के पाठ का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि इस मंत्र का हमारे मन-मस्तिष्क पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है। इसके नियमित पाठ से हमारा मन प्रसन्न रहता है और हम स्वस्थ रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने जन सामान्य के मस्तिष्क पर और स्वास्थ्य पर बहुत गहरा असर डाला है। लोगों में भय, नकारात्मकता का प्रभाव बढ़ा है। ऐसे में योग ही एक मात्र कुंजी जिससे आप अपने को सहज और स्वस्थ बनाए रख सकते हैं। उन्होंने अष्टांग योग के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि योग द्वारा आप स्वस्थ रह सकते हैं। इसके साथ ही आप नकारात्मक परिस्थितियों से जूझने के लिए और समग्र स्वास्थ्य के कल्याण के लिए यह बहुत उपयोगी साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों से मुकाबला करने के लिए हमारी मनोदशा बहुत अनुकूल होनी चाहिए, इसमें योग बहुत सहायक हो सकता है। योग के नियमित अभ्यास से हम अपनी जीवन शैली सुधार सकते हैं।

इससे पूर्व संस्कृति मेडिकल एंड अलाइड साइंसेज की डीन डॉ.पल्लवी श्रीवास्तव ने आगंतुक वक्ता का परिचय देते हुए उनका स्वागत किया। वेबिनार में उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने मुख्य वक्ता से योग और मंत्रों के प्रभाव को लेकर अनेक सवाल किये। मुख्य वक्ता डॉ. कामाख्या कुमार ने सभी सवालों का विस्तार से उत्तर देकर लोगों की जिज्ञासाओं को शांत किया। वेबिनार का समापन संस्कृति स्कूल आफ फिजियोथैरेपी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कीर्ति मिश्रा के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।
– Legend News

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