धार्मिक आजादी: अमेरिका ने पाकिस्तान और चीन सहित 7 देशों को ब्‍लैकलिस्‍ट किया

वॉशिंगटन। अमेरिका ने पाकिस्तान, चीन, सऊदी अरब और 7 अन्य देशों को धार्मिक आजादी के उल्लंघन करने वाले देशों के तौर पर चिह्नित किया है। इसके साथ ही ट्रंप प्रशासन ने अल नुसरा फ्रंट, अरब प्रायद्वीप में अल कायदा, अल शबाब, बोको हराम, हौदी, आईएसआईएस, आईएसआईएस खुरासान और तालिबान को भी खास तौर पर चिह्नित किया है।
इस संबंध में विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ ने कहा कि ’28 नवंबर 2018 को मैंने लगातार धार्मिक आजादी के उल्लंघन के लिए बर्मा (म्यांमाप), चीन, इरीट्रिया, ईरान, उत्तरी कोरिया, पाकिस्तान, सूडान, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान और तुर्केमेनिस्तान को 1998 के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक आजादी कानून के तहत खास चिंता वाले देशों में रखा था।’
बयान में पोम्पिओ ने कहा, ‘धार्मिक आजादी के गंभीर उल्लंघन के लिए कोमोरॉस, रूस और उजबेकिस्तान को भी विशेष वॉच लिस्ट में रखा गया है।’
पाकिस्तान ने अमेरिका के निर्णय को नकारा
पाकिस्तान ने धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करने वाले देशों की सूची में रखने के अमेरिका के फैसले को ‘एकतरफा और राजनीतिक रूप से प्रेरित’ करार दिया है।
अमेरिका ने पाकिस्तान, चीन, सऊदी अरब, म्यांमार, इरित्रिया, ईरान, उत्तर कोरिया, सूडान, तजाकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान को कांग्रेस की वार्षिक रिपोर्ट के तहत धार्मिक अल्पसंख्यक नागरिकों और मानवाधिकारों की रक्षा करने में लगातार एवं क्रमबद्ध विफलताओं के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें ‘कंट्री ऑफ पर्टिकुलर कन्सर्न’ (सीपीसी) का दर्जा दिया था।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘पाकिस्तान, अमेरिका की एकतरफा और राजनीतिक रूप से प्रेरित उसकी वार्षिक धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में जारी की गई सूची को नाकारता है।’ उसने कहा कि इन दर्जों से पूर्वाग्रह स्पष्ट हैं और इसकी प्रामाणिकता और निष्पक्षता के साथ-साथ स्वयंभू जूरी पर भी गंभीर सवाल हैं।
-एजेंसियां

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