धर्म परिवर्तन का मामला: ससुर से निकाह का दबाव, सिख युवती ने कराया केस दर्ज

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में धर्म परिवर्तन का मामला गर्माया हुआ है। इस बीच एक सिख महिला ने अपने ससुराल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि उस पर ससुर से निकाह करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। महिला का कहना है कि उसे वेश्यावृत्ति में भेजा रहा था। वहीं एक सिख युवती ने हाई कोर्ट की शरण लेते हुए अपने परिवार और पुलिस कार्यवाही से सुरक्षा की गुहार लगाई।
जम्मू निवासी निकिता सैनी ने एक वेबसाइट से बातचीत में बताया कि उनकी सास महमूदा नाज और पति अरफिन शाह ने उनकी काउंसलिंग की कि वे धर्म परिवर्तन के लिए नहीं कहेंगे। निकिता ने बताया, ‘मेरी सास महमूदा नाज और पति अरफिन शाह ने कहा कि वे लिबरल सोच के हैं और जो महिलाएं विधवा या तलाकशुदा होती हैं उन्हें चुन्नी देते हैं ताकि उन्हें सामाजिक सुरक्षा मिल सके।’
‘निकाह पेपर में नाम बदलकर नफीसा कर दिया’
निकिता ने बताया, ‘मुझे उस वक्त लगा कि मुझे भी सोशल सिक्योरिटी की जरूरत है। ये लोग मुझे सहारनपुर ले गए वहां इन्होंने मेरा मुस्लिम रीति-रिवाज से निकाह कराया। मेरे लिए शॉकिंग था ये, निकाह के वक्त उन्होंने मेरा नाम निकिता से नफीसा अरफिन शाह लिख दिया। मैंने उनसे कहा भी तो उन्होंने कहा कि यह सिर्फ औपचारिकता है। फिर ये लोग मुझे हरिद्वार ले गए। हरिद्वार में हिंदू रीति-रिवाज के हिसाब से मेरी मंशा देवी में शादी कराई।’
‘वेश्यावृत्ति में शामिल कराना चाहते थे ससुराल वाले’
निकिता ने आरोप लगाया कि उन्हें वेश्यावृत्ति में शामिल कराया जा रहा था। निकिता ने कहा, ‘दो-तीन दिन बाद इन्होंने मुझे उधमपुर बुलाया। दो दिन नॉर्मल रहे लेकिन फिर मेरी सास, पति, ससुर और देवर ने मेरी काउंसलिंग की कि उनके पिता से शादी कर लूं। मेरी सास ने कहा कि वह अपने पति के साथ फिजिकल रिलेशन बनाने में सक्षम नहीं हैं क्योंकि वह कैंसर संक्रमित हैं। मैंने इसका विरोध किया तो उन्होंने काफी दवाब बनाया। वे लोग मुझे प्रॉस्टिट्यूशन में शामिल कराना चाहते थे।’
सिख युवती ने मर्जी से धर्म परिवर्तन का किया दावा
उधर जम्मू-कश्मीर में कथित रूप से जबरन धर्म परिवर्तन का शिकार हुई चार में से एक सिख युवती ने हाई कोर्ट से सुरक्षा की मांग की है। युवती ने कहा है कि उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन करके मुसलमान व्यक्ति से निकाह किया है। इस साल 20 जनवरी को इस्लामिक रीति-रिवाज से मंजूर अहमद भट से निकाह करके वीरन पाल कौर से खदीजा बनी युवती ने इस साल मई में जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट ने पुलिस को प्रताड़ित न करने के लिए दिए निर्देश
न्यायमूर्ति अली मोहम्मद मगरे ने 20 मई को पुलिस को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करे कि युवती के माता-पिता रतन सिंह और पोपिंदर कौर या उनकी ओर से कोई भी व्यक्ति दंपति पर हमला ना करे, उन्हें प्रताड़ित, उनका अपहरण ना करे या उन्हें नुकसान ना पहुंचाए। आदेश में कहा गया है, ‘और उन्हें अपना दांपत्य जीवन अपने अनुसार जीने की आजादी दी जाए तथा भारत के संविधान के तहत प्राप्त उनके अधिकारों की रक्षा की जाए।’
कश्मीर में सिख समाज का विरोध प्रदर्शन
कश्मीर में सिख समाज के लोगों ने मंगलवार को ऐसे अतंर-धर्म विवाह के विरुद्ध प्रदर्शन किया। उन्होंने दावा किया कि सिख युवतियों का जबरन उम्रदराज लोगों से विवाह कराया जा रहा है। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिंदर एस सिरसा ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केन्द्रीय मंत्री अमित शाह के समक्ष उठाया है।
-एजेंसियां

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