रिलायंस जियो की नजर अब विदेशी बाजारों पर, BT पर बोली लगाने को तैयार

देश के टेलिकॉम मार्केट में तहलका मचाने के बाद रिलायंस जियो की नजर अब विदेशी बाजारों पर है। सूत्रों के मुताबिक एशिया के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली यह कंपनी ब्रिटेन के टेलिकॉम ग्रुप बीटी (BT) पर बोली लगाने की संभावना तलाश रही है। इसे पहले ब्रिटिश टेलिकॉम के नाम से जाना जाता था।
दो महीने पहले ही रिलायंस ने टी-मोबाइल (T-Mobile) की डच यूनिट को खरीदने के लिए बोली लगाई थी लेकिन इसमें Apax Partners and Warburg Pincus की एक पीए कंसोर्टियम ने बाजी मार ली थी। मगर इससे साफ हो गया था कि अंबानी की नजर विदेशी बाजार पर है। अंबानी ने हाल में लंदन में Stoke Park को 5.7 करोड़ पौंड में खरीदा था। अगर रिलायंस बीटी का अधिग्रहण करती है तो यह किसी भारतीय कंपनी का विदेश में सबसे बड़ी अधिग्रहण और विलय डील (M&A deal) होगी।
बीटी ग्रुप का कारोबार
बीटी ग्रुप FTSE 100 कंपनी है जिसका मौजूदा मार्केट कैप 20.63 अरब डॉलर है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि इस पर अभी शुरुआती बातचीत चल रही है और जरूरी नहीं है कि यह अंजाम तक पहुंचे। अभी यह साफ नहीं है कि अंबानी ने बीटी के सीईओ फिलिप जैनसन (Philip Jansen) और पद छोड़ने जा रहे चेयरमैन जैन डू प्लेसिस (Jan du Plessis) से मुलाकात की है या नहीं। बीटी ब्रिटेन में फिक्स्ड लाइन टेलिकॉम सर्विसेज की ऑपरेटर है।
इसके साथ ही कंपनी ने फाइबर ब्रॉडबैंड, आईपी टीवी, टेलिविजन और स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिगं और मोबाइल सर्विस सर्विसेज भी देती है। कंपनी का कारोबार 170 से अधिक देशों में फैला है। इसे 1980 के दशक में प्राइवेट कर दिया गया था लेकिन अब भी इसका स्ट्रक्चर लालफीताशाही में फंसा हुआ है। पिछले 5 साल में इसके शेयर में 53 फीसदी गिरावट आई है। 2020-21 में यह 11 साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया।
क्या कहा कंपनी ने
बीटी ने इसके अफवाह बताकर इस पर टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। यह पूछे जाने पर कि क्या कंपनी अपनी फाइबर फर्म Openreach में स्ट्रैटजिक या फाइनेंशियल पार्टनर शामिल करने को तैयार है, कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि Openreach कंपनी के लिए कोर, लॉन्ग टर्म स्ट्रैटजिक एसेट है और अच्छा प्रदर्शन कर रही है। हम हमेशा बीटी के लिए वैल्यू क्रिएटिंग ऑप्शंस के लिए तैयार रहते हैं और अभी हमारा फोकस फाइबर टु द प्रिमाइसेज (FTTP) पर है। इस बारे में रिलायंस को भेजे गए मेल का फिलहाल कोई जवाब नहीं आया।
-एजेंसियां

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