आजम खां, उनकी पत्‍नी और बेटे के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज

रामपुर। उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री व सपा नेता आजम खां (Azam Khan), उनकी पत्नी और बेटे अब्दुल्ला पर रामपुर में मामला दर्ज हुआ है। मुकद्दमा दर्ज हुआ है। सपा नेता आजम खां ने अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के जन्म प्रमाणपत्र को लेकर नए विवाद में फंस गए हैं। अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र बने हैं और दोनों पर ही अलग-अलग पासपोर्ट भी बनवाया है। भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने कुछ दिनों पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले की जानकारी दी थी। जिसके बाद प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार ने जांच के आदेश दे दिए थे।
बीते 19 दिसंबर को लखनऊ के प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आकाश सक्सेना ने अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र और दो पासपोर्ट होने के संबंध में दस्तावेज दिखाए। उन्होंने कहा कि सपा विधायक एवं पूर्व मंत्री मो. आजम खां तथा उनकी पत्नी एवं राज्यसभा सांसद तंजीन फातिमा ने जालसाजी व धोखाधड़ी करके अपने विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम का दो-दो जन्म प्रमाणपत्र बनवाया। पहला जन्म प्रमाणपत्र माता-पिता की ओर से शपथ पत्र देकर नगर पालिका परिषद रामपुर से 28 जून 2012 को बनवाया गया था, जबकि दूसरा जन्म प्रमाणपत्र लखनऊ नगर निगम से 21 जनवरी 2015 को बनवाया गया।
जन्म होने से पहले ही लखनऊ नगर निगम ने जारी किया प्रमाणपत्र
लखनऊ नगर निगम से बनवाए गए जन्म प्रमाणपत्र में जन्मस्थान लखनऊ बताया गया है और इसे क्वीन मेरी हास्पिटल लखनऊ से जारी डुप्लीकेट जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर बनवाया गया है।
अस्पताल के इस प्रमाणपत्र में इसके जारी होने की तिथि 21 अप्रैल 2015 दर्ज है जबकि लखनऊ नगर निगम का जन्म प्रमाणपत्र 21 जनवरी 2015 की तिथि में ही जारी हो गया है यानी लखनऊ नगर निगम ने जन्म होने से पहले ही जन्म प्रमाणपत्र जारी कर दिया।
गौरतलब है कि आज़म खां उस वक्त नगर विकास मंत्री थे और नगर निगम उनके अधीन थे।
आकाश सक्सेना ने कहा था कि कि उन्होंने जब नगर पालिका परिषद रामपुर से जन्म प्रमाणपत्र के संबंध में जानकारी मांगी तो बताया गया कि आग लगने से संबंधित दस्तावेज जल गए हैं। हालांकि नगर पालिका कार्यालय में आग लगने और दस्तावेज जलने के संबंध में कोई एफआईआर नहीं दर्ज कराई गए है। उन्होंने कहा कि पहले जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर बरेली से अब्दुल्ला आजम का पासपोर्ट भी बनवाया गया था, जो वर्ष 2022 तक वैध है। बावजूद इसके दूसरे जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर नया पासपोर्ट बनवाया गया है। पहले जन्म प्रमाणपत्र में जन्म तिथि एक जनवरी 1993 और जन्म स्थान रामपुर है, जबकि दूसरे जन्म प्रमाणपत्र में जन्म तिथि 30 सितंबर 1990 और जन्म स्थान लखनऊ है।
यूं हुई गड़बड़ी…
पहला जन्म प्रमाणपत्र नगरपालिका परिषद रामपुर से बना। इसमें जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 और जन्म स्थान रामपुर दिखाया गया। इसी आधार पर पासपोर्ट बनवाया गया। उसमें भी यही जन्मतिथि दिखाई गई।
दूसरा जन्मप्रमाण पत्र लखनऊ नगर निगम से बनवाया गया। इसमें जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 और जन्म स्थान लखनऊ बताया गया। बाद में इस आधार पर पासपोर्ट में संशोधन कराया गया।
-एजेंसियां

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