‘हिंदू आतंकवाद’ को लेकर वर्धा से पीएम का कांग्रेस पर तीखा हमला

वर्धा। पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के प्रचार को धार देते हुए कांग्रेस पर ‘हिंदू आतंकवाद’ को लेकर तीखा हमला किया है। महात्मा गांधी की कर्मभूमि कहे जाने वाले वर्धा में पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने देश के करोड़ों लोगों को आतंकवाद से जोड़ा था, अब लोग जाग गए हैं तो वे भाग रहे हैं। उनका इशारा सीधे तौर पर राहुल गांधी के अमेठी के अलावा केरल की वायनाड से चुनाव लड़ने की ओर था। समझौता ब्लास्ट केस में असीमानंद को सुप्रीम कोर्ट की ओर से बरी किए जाने के फैसले का बिना नाम लिए पीएम मोदी ने जिक्र किया।
उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कांग्रेस की साजिश उजागर हुई है। इस बात को कांग्रेस भी समझ रही है कि देश ने उन्हें सबक सिखाने का मन बना लिया है। अब मैदान छोड़कर भागने लगे हैं। उन्होंने जिन्हें आतंकवादी कहा है, वे अब जग चुके हैं। हिंदुओं के साथ आतंकवाद जोड़ा था इसलिए जहां हिंदू आबादी अधिक है, वहां चुनाव नहीं लड़ सकते। अब ऐसी जगह भागे हैं, जहां हिंदुओं की आबादी कम है।’
‘कांग्रेस ने करोड़ों लोगों पर लगाया हिंदू आतंकवाद का दाग’
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के करोड़ों लोगों पर हिंदू आतंकवाद पर दाग लगाने का काम कांग्रेस ने ही किया। हजारों सालों के इतिहास में हिंदुओं के आतंकवाद की कोई घटना है क्या? अंग्रेज इतिहासकारों ने भी ऐसा नहीं किया। हमारी 5,000 साल पुरानी सभ्यता पर कलंक किसने लगाया? ऐसी कांग्रेस को माफ कर सकते हैं क्या? पीएम मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र के ही कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे थे, जिन्होंने हिंदू आतंकवाद शब्द दिया था।
आजाद मैदान के बहाने साधा कांग्रेस पर निशाना
पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारे वीर जवानों ने एयर स्ट्राइक की तो ये लोग सबूत मांगने लगे। ये ऐसी बात कर रहे हैं, जो पाकिस्तान में अच्छी लगती हैं। मैं विदर्भ की धरती से पूछना चाहता हूं कि आपको भारत के हीरो चाहिए या फिर पाकिस्तान के हीरो।’ आजाद मैदान में तोड़फोड़ की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन लोगों ने शहीद स्मारक को जूतों से रौंदने की अनुमति दी थी।
यही नहीं, उन्होंने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि ऐसे लोगों पर कार्यवाही न हो। वोट बैंक के लिए उन्होंने ऐसा किया।
खुद को बताया शौचालयों का चौकीदार
पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद को शौचालयों का चौकीदार करार देते हुए कहा, ‘मैंने शौचालय अभियान से महिलाओं की अस्मिता की रक्षा करने का काम किया है। यह आपके लिए मजाक का विषय होगा, लेकिन मेरे लिए माताओं और बहनों के लिए इज्जत घर है। मैं इनका चौकीदार हूं तो मुझे इसका गर्व है। महात्मा गांधी, विनोबा भावे और बाबा आम्टे जैसे लोगों ने जो संदेश दिया, उसका ये लोग अपमान कर रहे हैं।’
हवा भांपकर मैदान छोड़कर भागे शरद पवार
शरद पवार को लेकर पीएम ने कहा कि वह देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं। कहा जाता है कि वह कभी बिना सोचे-समझे कोई काम नहीं करते। उन्हें पीएम की रेस में माना जाता था। उन्होंने कहा था कि मैं चुनाव लड़ूंगा लेकिन एक दिन अचानक बोले कि मैं राज्यसभा में ही खुश हूं। शरद पवार भी जानते हैं कि हवा का रुख किधर है। इस बार जनता ने अच्छे-अच्छों को मैदान से बाहर भगाया है। उनकी एक समस्या यह भी है कि एनसीपी में इस समय बहुत बड़ा पारिवारिक युद्ध चल रहा है। पार्टी उनके हाथ से निकलती जा रही, हाल यह है कि उनके भतीजे पार्टी पर कब्जा करने के लिए रणनीति बना रहे हैं।
-एजेंसियां

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