नीरव मोदी के खिलाफ Interpol का रेड कॉर्नर नोटिस, कभी भी हो सकता है गिरफ्तार

Interpol के रेड कॉर्नर नोटिस के बाद 190 देशों को मिली गिरफ्तार करने की ताकत

नई दिल्‍ली। हीरा व्यापारी नीरव मोदी अब Interpol के शिकंजे में फंस चुका है, इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किया जिसके तहत अब पूरी दुनिया के 190 देशों की पुलिस उसे गिरफ्तार करने का अधिकार रखती है| इसके साथ इंटरपोल ने सभी देशोंं की पुलिस से नीरव मोदी को हिरासत में लेने का अनुरोध भी किया है।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अनुरोध को मानते हुए इंटरपोल ने पंजाब नेशनल बैंक के घोटाले के आरोपी नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है।

Interpol द्वारा जारी किए गए नोटिस में अपने सदस्य देशों से कहा गया है कि वह वांछित अपराधी को गिरफ्तार कर लें या हिरासत में ले लें। इस मामले में सीबीआई पहले ही मुंबई की सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

कहा जा रहा है कि पीएनबी घोटाला देश के किसी बैंक में हुआ अबतक का सबसे बड़ा घोटाला है। चार्जशीट में मेहुल चोकसी, मोदी के भाई निशाल जोकि बेल्जियन नागरिक है और कंपनी के एक एग्जीक्यूटिव सुभाष परब का नाम शामिल है। जांच एजेंसी ने Interpol के द्वारा मोदी, चोकसी और निशाल के खिलाफ 15 फरवरी को डिफ्यूजन नोटिस जारी किया था।

यह नोटिस एक प्रक्रिया है जिसके जरिए किसी भगोड़े की जानकारी को इंटरपोल के सदस्य देशों के साथ साझा की जाती है। डिफ्यूजन नोटिस के जवाब में यूनाइटेड किंगडम ने मोदी और भगोड़ों की गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा की है। सूत्रों ने बताया कि उसका विशिष्ट स्थान अभी भी अज्ञात बना हुआ है।

बता दें कि विदेश मंत्रालय ने कई यूरोपीय देशों को पत्र लिखकर भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की तलाश में मदद की अपील की थी। साथ ही कहा था कि उसे एक से ज्यादा भारतीय पासपोर्ट जारी नहीं किए गए थे। मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया था कि मंत्रालय ने दुनियाभर में स्थित अपने सभी मिशन को संदेश भेजकर स्थानीय सरकार के संपर्क में रहने को कहा है ताकि मोदी को वहां घुसने से रोका जा सके और यदि वह वहां रह रहा है तो उसकी जानकारी मिल सके।

कुछ समय पहले खबर आई थी नीरव ब्रिटेन में मौजूद हैं। ब्रिटिश अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), सीबीआई और आयकर विभाग मार्च और अप्रैल में यूके सेंट्रल अथॉरिटी को तीन अनुरोध पत्र (एलआर) भेजे थे। यूके सेंट्रल अथॉरिटी ने इन एलआर को गंभीर धोखाधड़ी कार्यालय (एसएफओ) को भेज दिया था। साथ ही एसएफओ से कहा कि ईडी के एलआर पर कार्रवाई की जाए। इसके बाद एसएफओ और ईडी के बीच बातचीत चल रही है।

गौरतलब है कि सीबीआई ने Interpol के द्वारा मोदी, चोकसी और निशाल के खिलाफ 15 फरवरी को डिफ्यूजन नोटिस जारी किया था।

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