आरबीआई ने घटाया Repo Rate, अर्थव्यवस्था को म‍िलेगी गत‍ि

नई दि‍ल्ली। अर्थव्यवस्था में जारी सुस्ती को गति देने के लिए आरबीआई ने Repo Rate में कटौती की है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की समीक्षा बैठक में लगातार चौथी बार Repo Rate में कटौती की गई है।

फैसले के अनुसार Repo Rate को घटाकर 5.40 फीसदी कर दिया गया है। नौ सालों में पहली बार रेपो रेट इतना कम हुआ है। आरबीआई ने रेपो रेट में 35 आधार अंकों की कटौती की है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने रिवर्स रेपो रेट को 5.15 फीसदी कर दिया है।

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक पांच अगस्त को शुरू हो गई थी। छह सदस्यीय एमपीसी की बैठक गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई में हुई। मौद्रिक नीति समिति के चार सदस्यों ने रेपो दर में 0.35 फीसदी कटौती का पक्ष लिया, दो सदस्यों ने 0.25 फीसदी कटौती की वकालत की।

बैंक ने घटाया जीडीपी का अनुमान
इतना ही नहीं, रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी का अनुमान सात फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी किया है।

खुदरा मुद्रास्फीति का अनुमान
इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2020 की दूसरी छमाही के लिये खुदरा मुद्रास्फीति 3.5 से 3.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। वहीं दूसरी तिमाही में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति 3.1 फीसदी रहने का अनुमान है।

कुछ बैंकों ने लोगों तक पहुंचाया था लाभ
केंद्रीय बैंक ने आर्थिक वृद्धि में तेजी लाने के लिए इस साल फरवरी और अप्रैल में रेपो रेट में 25-25 आधार अंकों (0.25 फीसदी) की कटौती की थी। हालांकि अप्रैल में जब आरबीआई द्वारा रेपो रेट में कटौती की गई थी, तब कुछ ही बैंकों ने इसका लाभ लोगों को दिया था।

ऐसे होगा फायदा
अगर रेपो रेट में कटौती का फायदा बैंक आप तक पहुंचाते हैं तो का आम लोगों को काफी फायदा होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि अब बैंकों पर ब्याज दरों में कटौती करने का दबाव रहेगा। इससे लोगों को लोन सस्ते में मिल जाएगा। इसके अलावा जो होम, ऑटो या अन्य प्रकार के लोन फ्लोटिंग रेट पर लिए गए हैं, उनकी ईएमआई में भी कमी हो जाएगी।
– एजेंसी

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