अनियमितता के कारण RBI ने एक बार फिर बैंकों पर जुर्माना लगाया

नई दिल्‍ली। सूचनाएं प्रदान करने में अनियमितता बरतने की वजह से RBI ने एक बार फिर बैंकों पर जुर्माना लगाया है. RBI ने सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. पीएनबी ने शनिवार को शेयर बाजार को भेजी सूचना में कहा कि किंगफिशर एयरलाइंस के एक लोन खाते में धोखाधड़ी से संबंधित जानकारी देने में देरी के कारण यह जुर्माना लगाया गया है. बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी शेयर बाजार से कहा कि इसी तरह के एक मामले में RBI ने उसके ऊपर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. बता दें कि आरबीआई ने शुक्रवार को चालू खाता खोलने के मामले में नियमों के उल्लंघन को लेकर सार्वजनिक क्षेत्र के 8 बैंकों पर कुल 12 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था.
इन बैंकों पर लगा इतना जुर्माना
इलाहाबाद बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के ऊपर 2-2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है. वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया पर 1.5-1.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा है, जबकि ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
नियमों का नहीं किया पालन
आरबीआई ने एक विज्ञप्ति में कहा है, रिजर्व बैंक ने 31 जुलाई 2019 के आदेश के तहत 7 बैंकों पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है. मौद्रिक जुर्माना चालू खातों को खोलने और उसके परिचालन के लिये आचार संहिता के कुछ प्रावधानों के अनुपालन नहीं करने को लेकर लगाया गया है.
एक अलग विज्ञप्ति में आरबीआई ने कहा कि उसने कॉर्पोरेशन बैंक पर साइबर सुरक्षा रूपरेखा से संबंधित नियमों का अनुपालन नहीं करने को लेकर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है.
समय से पहले लोन चुकाने पर पेनल्टी नहीं
RBI ने व्यक्तिगत लेनदारों से समय से पहले कर्ज चुकाने पर गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) द्वारा वसूले जाने वाले दंड पर रोक लगा दी है. RBI ने अधिसूचना जारी कर कहा, NBFC कारोबारी उद्देश्य को छोड़कर अन्य कार्यों के लिये व्यक्तिगत तौर पर लिये गए फ्लोटिंग दर लोन को समय से पहले चुकाने पर शुल्क (Foreclosure charges) या दंड नहीं लेंगे.
हालांकि, RBI ने यह स्पष्ट नहीं किया कि नए नियम कब से प्रभावी होंगे. केंद्रीय बैंक ने कहा कि इस परिवर्तन को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित नियमों को अद्यतन किया गया है. उल्लेखनीय है कि मई, 2014 में आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों को बंधक ऋण पर ऐसे शुल्क लगाने से प्रतिबंधित कर दिया था. हालांकि वे पर्सनल लोन जैसे बिना गारंटी वाले लोन पर शुल्क लेने के लिए स्वतंत्र हैं.
-एजेंसियां

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