YES Bank व आइडीएफसी बैंक पर लगाया गया करोड़ों का जुर्माना

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक ने YES Bank पर छह करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।

यह जुर्माना बैड लोन के क्लासीफिकेशन से जुड़ी शर्तो को पूरा न करने और एटीएम पर साइबर हमले की जानकारी देने में देरी करने पर लगाया गया है। वहीं केंद्रीय बैंक ने लोन और एडवांस से जुड़ी शर्ते पूरी नहीं करने के मामले में आइडीएफसी बैंक पर भी दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।

दोनों पर बैंकों पर जुर्माना सोमवार को लगाया गया। रिजर्व बैंक ने अलग-अलग बयान में यह जानकारी दी है।

बैंकों की ओर से 31 दिसंबर, 2016 को जारी की गई एक रिपोर्ट जो कि उनकी वित्तीय स्थिति के आधार पर तैयार की गई है, जिसमें अन्य बातों के साथ साथ ऋण और अग्रिमों के स्वीकृति / नवीकरण से संबंधित कुछ दिशा-निर्देश समेत अन्य बातों के साथ गैर अनुपालन शामिल है।

इसमें आगे कहा गया, “स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर, 7 अगस्त 2017 के आइडीएफसी बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था जिसमें उनसे पूछा गया कि भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी दिशानिर्देशों के अनुपालन के लिए दंड क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए।”

व्यक्तिगत सुनवाई में बैंक के जवाब और मौखिक सबमिशन पर विचार करने के बाद, आरबीआई ने कहा, “हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं Yes Bank पर आरबीआई के निर्देशों का पालन न करना साबित हो गया है और उस पर मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है।”

गौरतलब है कि बीते दिन हुई एक प्रेस कांफ्रेंस में वित्त मंत्री ने एनपीए की समस्या से जूझ रहे बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपए देने का एलान किया है।
-एजेंसी