RBI ने दी राहत, लेकिन शेयर बाजार पस्त नजर आया

नई दिल्‍ली। गुरुवार को कोरोना ग्रस्त इकॉनमी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1.70 लाख करोड़ रुपये का बूस्टर दिया और आज RBI ने ईएमआई के स्तर पर लोगों को बड़ी राहत। रिज़र्व बैंक कुछ ऐलान करने वाला है, इस खबर को देखते हुए बाजार अच्छी तेजी के साथ खुला लेकिन ऐलान के बाद पस्त नजर आया। RBI गवर्नर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बाजार की तेजी बरकरार नहीं रह सकी।
शुरुआती कारोबार में जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1100 अंकों की तेजी दिखा रहा था वह 11 बजे के करीब 1200 अंकों से ज्यादा का गोता लगा चुका था। 11 बजे तक 1274 अंक लुढ़क चुका था। 11 बजते बजते यह घट कर 29676 अंक तक गिर गया। एनएसई का निफ्टी चढ़कर खुला था लेकिन 11 बजे के बाद 479 अंक लुढ़ककर 8559 अंक तक गिर गया। 11 बजे के बाद ऐक्सिस, एसबीआई, इंडसइंड इन शेयरों में तेजी का रुख बरकरार दिखा।
बाजार खुलने का स्तर
कोरोना पैकेज से खुश शेयर बाजार। शुक्रवार को अच्छी तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत। सेंसेक्स 801 अंक चढ़कर 30,747.81 पर खुला। निफ्टी की शुरुआत करीब 3 पर्सेंट की तेजी के साथ 8,949.10 पर।
गुरुवार को बाजार की छलांग
गुरुवार को 1.70 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा से बाजार गदगद दिखा।सेंसेक्स 1410.99 अंक (4.94%) उछलकर 29,946.77 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 323.60 अंकों (3.89%) की तेजी के साथ 8,641.45 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 30,099.91 का ऊपरी स्तर तथा 28,566.34 का निचला स्तर छुआ। वहीं निफ्टी ने 8,749.05 का उच्च स्तर और 8,304.90 का निम्न स्तर छुआ।
मूडीज ने घटाया ग्रोथ का अनुमान
ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने कैलेंडर वर्ष 2020 में भारत की ग्रोथ रेट के अपने पहले के अनुमान को घटाकर 2.5 फीसदी कर दिया है। पहले उसने इसके 5.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। कोरोना वायरस संकट को लेकर मूडीज का कहना है कि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा झटका लगेगा।
कारोना वायरस और उसके चलते देश-दुनिया में आवागमन पर रोक के मद्देनजर आर्थिक लागत बढ़ी और इसी वजह से देश की वृद्धि दर घटने का अनुमान है। मूडीज का वर्ष 2019 में देश की आर्थिक वृद्धि दर पांच फीसदी रहने का अनुमान है। मूडीज ने अपने ‘ग्लोबल मैक्रो आउटलुक 2020-21’ में कहा कि अनुमानित वृद्धि दर के हिसाब से भारत में 2020 में आय में तेज गिरावट हो सकती है। इससे 2021 में घरेलू मांग और आर्थिक स्थिति में सुधार की दर पहले से अधिक प्रभावित हो सकती है। एजेंसी ने कहा है, ‘भारत में बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के पास नकद धन की भारी कमी के चलते भारत में कर्ज हासिल करने को लेकर पहले से ही बड़ी बाधा चल रही है।’
कोरोना वायरस के सामुदायिक फैलाव को रोकने के लिए इस हफ्ते की शुरुआत में भारत सरकार ने देश में 21 दिन के लॉकडाउन (सार्वजनिक पाबंदी) की घोषणा की। कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के देश में अब तक 700 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और 17 लोगों की मौत हो चुकी है। सार्वजनिक पाबंदी की वजह से कारोबार और कारखाने बंद हो गए हैं। लाखों की संख्या में अस्थायी कर्मचारी या दिहाड़ी मजूदरों की रोजी-रोजी छिन गई है। इसकी वजह से रेल, हवाई जहाज, बस सेवाएं इत्यादि सभी निलंबित हुई है।
दुनियाभर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 24,000 के पार पहुंच गई है। मूडीज ने कहा कि 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था का भी संकुचन होगा और इसमें तेजी 2021 में देखने को मिल सकती है। कंपनी ने अपने वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को भी संशोधित किया है। मूडीज के मुताबिक 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था के वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद में 0.5 प्रतिशत की कमी आएगी जबकि कोरोना वायरस संकट से पहले पिछले साल नवंबर में मूडीज ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के 2020 में 2.6 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान जताया था।
इससे पहले गुरुवार को आई एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट इकोरैप के अनुसार 2019-20 में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर भी 5 प्रतिशत से घटकर 4.5 प्रतिशत रह सकती है। इसका कारण चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 2.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
-एजेंसियां

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