कच्चा दूध इसलिए नहीं पीना चाहिए, होते हैं खतरनाक बैक्टीरिया

हर डॉक्टर यही सलाह देता है कि रोजाना एक गिलास दूध पीना चाहिए। दूध में भरपूर मात्रा में कैल्शियम और प्रोटीन होता है जो हड्डियों के विकास के साथ-साथ शरीर को कई पोषक तत्व प्रदान करता है लेकिन कई लोग दूध को बिना उबाले यानी कच्चा ही पी लेते हैं जबकि ऐसा करना नुकसानदायक होता है।
आमतौर पर माना जाता है कि पाश्चरीकृत दूध से जरूरी पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। चाहें दूध कच्चा हो या फिर पाश्चरीकृत, दोनों में न्यूट्रिशन की मात्रा समान ही रहती है। दूध में कैल्शियम और फॉसफोरस जैसे मिनरल्स होते हैं जो उच्च तापमान में भी नष्ट नहीं होते।
कच्चा दूध पीने को लेकर लोगों की धारणा
कुछ लोग मानते हैं कि कच्चा दूध पीने के ज्यादा फायदे होते हैं। इसे लैक्टोस इंटॉलरंट लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है। कच्चे दूध में लैक्टेस होता है जो लैक्टोस के पाचन में मदद करता है। इस लिहाज से देखा जाए तो यह प्रक्रिया दूध के पाचन में मदद करती है लेकिन पाश्चरीकृत दूध में लैक्टेस नष्ट हो जाता है। इसके अलावा कच्चे दूध को अस्थमा से लेकर एक्जिमा और अन्य स्किन एलर्जी में कारगर माना गया है। लोग यह भी मानते हैं कि कच्चे दूध में ज्यादा एंटी-माइक्रोबियल होते हैं, जैसे कि इम्यूनोग्लोब्यूलिन, लाइसोजाइम और लेक्टोपरऑक्सिडेस। ये नुकसानदायक जीवाणुओं को रोकते हैं, जिससे दूध खराब होने स बच जाता है।
क्यों नहीं पीना चाहिए कच्चा दूध?
कच्चा दूध इसलिए नहीं पीना चाहिए क्योंकि इसमें खतरनाक बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। न्यूट्रल पीएच बैलेंस, भरपूर मात्रा में पानी और अन्य पोषक तत्वों की मौजूदगी के कारण कच्चे दूध में बैक्टीरिया अधिक पनपते हैं और लंबे समय तक जिंदा रहते हैं। यही वजह है कि कच्चा दूध जल्दी खराब भी हो जाता है।
कच्चे दूध में Salmonella, Escherichia, Campylobacter, E. Coli और Cryptosporidium जैसे खतरनाक बैक्टीरिया होते हैं इसलिए कच्चे दूध को पीने से ये बैक्टीरिया हमारे शरीर में पहुंच जाते हैं और रिएक्टिव आर्थराइटिस से लेकर डायरिया, डिहाइड्रेशन, गुलियन-बैरे सिंड्रोम और हीमोलिटिक यूरिमिक सिंड्रोम जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इसके अलावा उल्टी और बुखार भी हो सकता है।
बता दें कि कच्चे दूध के पीने के फायदों को अभी साबित नहीं किया जा सका है। हालांकि कई स्टडीज में यह बात सामने आ चुकी है कि कच्चे और पाश्चरीकृत दूध में पोषक तत्वों की मात्रा समान होती है।
-एजेंसियां

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