गुलाम और सोज के बयान पर रविशंकर प्रसाद ने कहा, देश तोड़ने वालों के साथ खड़ी है कांग्रेस

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में सेना की कार्यवाही और राज्य की आजादी पर कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं के बयान ने देश की इस सबसे पुरानी पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
सत्तारूढ़ बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद के सैन्य ऑपरेशन में आतंकवादी से ज्यादा आम लोगों के ज्यादा मारे जाने के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने आजाद के बयान को गैर जिम्मेदाराना, शर्मनाक और सेना का मनोबल तोड़ने वाला बताते हुए कहा कि पूर्व सीएम की इस टिप्पणी से सबसे ज्यादा खुश पाकिस्तान होगा।
आजाद की टिप्पणी शर्मनाक: रविशंकर
प्रसाद ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘आजाद की यह टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है। वह क्या कहना चाहते हैं? वह क्या संकेत दे रहे हैं? कांग्रेस पार्टी देश तोड़ने वालों के साथ खड़ी हो गई है। कांग्रेस का ऐसा नेता यह बयान दे रहा है जो जम्मू-कश्मीर की सीएम रह चुका है, जिसने कश्मीर में आतंकवाद के दंश को झेला है। सीमा पर सेना और सुरक्षाबलों के जवान ही शहीद होते हैं।’ उन्होंने कहा कि आजाद के बयान का लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठन भी समर्थन कर रहे हैं। प्रसाद ने कहा कि लश्कर का प्रवक्ता अब्दुल्ला गजनवी ने बयान जारी कर कहा, ‘हमारा विचार भी आजाद के विचार की तरह ही है।’ उन्होंने कहा कि सेना चीफ बिपिन रावत और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के शहीद औरंगजेब के घर जाने को आजाद ड्रामा बताते हैं। इससे खराब बात और क्या हो सकती है।
सोज के बयान पर राहुल-सोनिया से मांगा जवाब
बीजेपी नेता ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सैफुद्दीन सोज के कश्मीर की आजादी वाले बयान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चीफ राहुल और सोनिया इस बयान पर जवाब दें। बता दें कि सोज ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि कश्मीर के लोगों की पहली प्राथमिकता आजादी पाना है। सोज ने कहा कि वर्तमान स्थिति में कश्मीर की आजादी इससे जुड़े देशों के कारण संभव नहीं है, लेकिन यह जरूर है कि कश्मीर के लोग पाकिस्तान के साथ इसका विलय नहीं कराना चाहते हैं।
किताब में सोज ने किया मुशर्रफ का समर्थन
सैफुद्दीन सोज ने कश्मीर के इतिहास और वर्तमान से जुड़ी एक किताब भी लिखी है, जिसे जल्द ही लॉन्च किया जाना है। इस किताब में सोज ने पाक के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के उस बयान का भी समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर वोटिंग की स्थितियां होती हैं तो कश्मीर के लोग भारत या पाक के साथ जाने की अपेक्षा अकेले और आजाद रहना पसंद करेंगे।
‘देशविरोधियों के साथ खड़ी हुई कांग्रेस’
रविशंकर ने कहा कि कांग्रेस देशविरोधियों के साथ खड़ी हो गई है। उन्होंने कहा, ‘राहुल जेएनयू में जाकर राष्ट्रविरोधी ताकतों के साथ खड़े हो जाते हैं। सर्जिकल स्ट्राइक पर खून की दलाली का बयान देते हैं।’ कांग्रेस का आज का नेतृत्व केवल नरेंद्र मोदी विरोध और बीजेपी का विरोध कर रही है।’
जानिए, क्या था आजाद का बयान
उल्लेखनीय है कि आजाद ने हाल ही में कहा था कि केंद्र सरकार की दमनकारी नीति का सबसे ज्यादा नुकसान आम जनता को भुगतना पड़ता है। एक आतंकी को मारने के लिए 13 नागरिकों को मार दिया जाता है। उन्होंने कहा था, ‘हाल के आंकड़ों पर गौर करें तो सेना की कार्यवाही नागरिकों के खिलाफ ज्यादा और आंतकियों के खिलाफ कम हुई है। घाटी में हालात बिगड़ने का मुख्य कारण यह है कि मोदी सरकार बातचीत करने की अपेक्षा कार्रवाई करने में ज्यादा यकीन रखती है। ऐसा लगता है कि वे हमेशा हथियार इस्तेमाल करना चाहते हैं।’
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘कार्यवाही को ऑपरेशन ऑलआउट कहना, यह स्पष्ट बताता है कि वे बड़े जनसंहार की योजना बना रहे हैं। गौर करने वाली बात है कि वे यह नहीं कहते कि इस मसले को बातचीत के जरिए हल किया जाएगा जबकि पूरी दुनिया ने देखा कि अमेरिका और उत्तर कोरिया ने अपने मसले बातचीत से हल किए।’
आतंकियों द्वारा अगवा कर मारे गए सेना के जवान शहीद औरंगजेब के परिवार से मिलने रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार को उनके घर पहुंची थीं। इस पर सवाल उठाते हुए आजाद ने कहा, ‘औरंगजेब के घर ही क्यों गईं रक्षा मंत्री? हिंदू शहीदों के घर क्यों नहीं गईं? एक महीने के अंदर 29 जवान शहीद हुए, उन सबके घर क्यों नहीं गईं? औरंगजेब के घर जाना महज पब्लिसिटी स्टंट है। हमारे हिंदू भाइयों में भी औरंगजेब जैसी जान है। सिर्फ दिखावा कर रही है मोदी सरकार।’
-एजेंसी

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