RATM के छात्रों ने किया Parle-G कम्पनी का शैक्षिक भ्रमण

-राजीव एकेडमी फाॅर टैक्नोलाॅजी एंड मैनेजमेंट के विभिन्न कोर्सों के छात्रों ने जाना Parle-G के बनने की प्रक्रिया को
-आर०के० ग्रुप के चैयरमेन डाॅ. राम किशोर अग्रवाल ने औद्योगिक भ्रमण को बताया अध्ययन का ही एक भाग

मथुरा। राजीव एकेडमी फार टेक्नोलाॅजी एण्ड मैनेजमेंट के बीबीए, बीसीए, बीएससी(सीएस) एवं बी.ई-काॅम के छात्र-छात्रा Parle-G बिस्किट कम्पनी से तीन दिवसीय शैक्षिक भ्रमण से वापस लौट आए हैं। छात्र-छात्राओं ने शैक्षिक भ्रमण के दौरान अपने सुखद अनुभवों को शिक्षक और अन्य छात्र-छात्राओं के साथ शेयर किया। उन्होंने इस भ्रमण को बहुत ही उपयोगी बताया है। छात्र-छात्राओं कहा कि ये भ्रमण हमारा जीवन भर मार्गदर्शन करेगा। उन्होंने इस भ्रमण को ज्ञानात्मक उपलब्धि बताते हुए स्वयं को इस कड़ी से जोड़े रखने का संकल्प भी लिया है।

आर०के० एजुकेशन हब के चेयरमेन डाॅ० राम किशोर अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि औद्योगिक भ्रमण छात्र-छात्राओं के अध्ययन का ही एक भाग है। जिसे कार्यस्थल पर जाकर की पूरा किया जा सकता है, बिना इस भ्रमण के व्यावसायिक कोर्सों का अध्ययन अधूरा रहता है। एम०डी० मनोज अग्रवाल ने कहा कि व्यावसायिक कोर्सों की अनेक ऐसी बारीकियाँ हैं। जिनका ज्ञान औद्योगिक भ्रमण के बाद ही होता है। यह अध्ययन का व्यावहारिक पक्ष है, जिसे प्राप्त करना छात्र-छात्राओं के लिए जरुरी है।

इस अवसर पर निदेशक डाॅ० अमर कुमार सक्सैना ने कहा कि लगातार तीन दिन तक छात्र-छात्राओं ने जो व्यावसायिक ज्ञान प्राप्त किया है। वह उनके अध्ययन की दृष्टि से लाभप्रद है। छात्र-छात्राएं व्यावसायिक गतिविधियाँ तेजी से विकसित करते हुए उस ज्ञान का प्रयोग करें। छात्र-छात्राओं के इस भ्रमणे ग्रुप का निर्देशन गीता चैधरी, सुनील चैहान, नेहा शर्मा, नितिन अग्रवाल एवं संजय कुमार ने किया।

इससे पूर्व Parle-G कम्पनी के अधिकारियों ने प्रोडक्शन यूनिट का छा़त्र-छात्राओं को अवलोकन कराया। कच्चा माल कैसे कहाँ से प्राप्त किया जाता है की पूरी जानकारी दी। छात्र-छात्राओं ने पारले जी बिस्किट मेन्युफैक्चरिंग यूनिट देखी व आवश्यक बातंे समझीं। अपने विविध प्रश्नों का समाधान प्राप्त किया। पारले जी कम्पनी का इतिहास बताते हुए एचआर ज्योति यादव ने बताया कि पारले जी का विदेशों में एक्सपोर्टेशन में भी सहयोग है। खासकर यूरोप, ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा जैसे देशों से पारले जी का एक्सपोर्ट समझौता है। उन्होंने बताया कि पारले जी विश्व में सर्वाधिक बिक्री वाला बिस्किट है।