सुंदरवन का दुर्लभ पौधा: शोध और वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिए पौधों की सूची में शामिल होगा

कोलकाता। एक दुर्लभ पौधे को शोध और वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिए सरकार की पौधों की सूची में शामिल करने की मांग की जा रही है जिसका इस्तेमाल सुंदरवन के लोग बाघ के काटने पर इलाज करने के लिए करते हैं। कलकत्ता विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग के एचओडी डॉ. पूनरबसु चौधरी ने यहां सुन्दरवन की जैव विविधता पर प्रस्तुति देते हुए कहा कि इस पौधे का स्थानीय नाम होरकोचकाटा है जो अकादमिक क्षेत्र में ज्यादा जाना पहचाना नहीं है।

उन्होंने कहा कि इसमें मॉरफीन की मात्रा अधिक होती है और जब बाघ के काटने के मामले में एंटीबायोटिक्स असर नहीं करती तो यह पौधा बाघ के लार में माइक्रोब्स को निष्प्रभावी करता है और दर्द कम करता है। चौधरी ने कहा कि सेप्टीसीमिया के मामलों में जब ज्यादातर दवाएं काम करना बंद कर देती है तो इस पौधे की जड़ें तथा पत्तियां दवा निष्कर्षण के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकती है। इस पौधे को उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी में भी देखा गया है। पश्चिम बंगाल जैव विविधता बोर्ड की मदद से गुरु नानक औषधि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान ने एक सितंबर को यह संगोष्‍ठी आयोजित की थी।