लालू को रांची हाई कोर्ट से झटका, सरेंडर करने का आदेश दिया

रांची। चारा घोटाला मामले में दोषी करार राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को रांची हाई कोर्ट ने झटका दे दिया है। जमानत पर बाहर लालू ने मेडिकल आधार पर कोर्ट में जमानत बढ़ाने की अर्जी दी जिसे खारिज कर दिया गया। कोर्ट ने लालू से 30 अगस्त को सरेंडर करने को कहा है।
चारा घोटाले के कई मामलों में दोषी पाए गए लालू प्रसाद यादव रांची जेल में सजा काट रहे थे जब उनकी तबीयत खराब हो गई थी। पहले नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और फिर मुंबई के एशियन हार्ट इंस्टिट्यूट में उनका इलाज चला।

लालू के वकील प्रभात कुमार ने बताया कि कोर्ट की ओर से याचिका खारिज होने के बाद अब वह वापस रांची के राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस जाएंगे जहां उन्हें सबसे पहले भर्ती कराया गया था।

IRCTC के होटेल आवंटन मामले में आरोपपत्र दाखिल
वहीं दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय ने आईआरसीटीसी के होटेलों के आवंटन में धन शोधन के मामले में लालू और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। यह मामला आईआरसीटीसी के दो होटलों का प्रबंधन ठेका एक निजी कंपनियों को देने में कथित भ्रष्टाचार का है। मामले के अनुसार रेल मंत्री के पद पर रहते हुए लालू प्रसाद यादव ने इंडियन रेलवे कैटरिंग ऐंड टूरिज्म कार्पोरेशन (IRCTC) द्वारा संचालित दो होटलों (रांची और पुरी) का ठेका सुजाता होटल्स को दिया। आरोप है कि इन होटलों के ठेके देने के बदले में एक बेनामी कंपनी के जरिए पटना में तीन एकड़ का भूखंड लिया गया।
लालू को मिली हैं ये सजा-
पहला मामला- चाईबासा कोषागार से अवैध तरीके से 37.7 करोड़ रुपये निकालने का आरोप। लालू समेत 44 अभियुक्त।
सजा- मामले में 5 साल की सजा हुई।

दूसरा मामला- देवघर सरकारी कोषागार से 84.53 लाख रुपये की अवैध निकासी का आरोप। लालू समेत 38 पर केस
सजा- लालू को साढ़े तीन साल की सजा और 5 लाख का जुर्माना।

तीसरा मामला- चाईबासा कोषागार से 33.67 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का आरोप। लालू समेत 56 आरोपी।
सजा- लालू दोषी करार, 5 साल की सजा।

चौथा मामला- दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला। लालू प्रसाद यादव दोषी करार
सजा- 2 अलग-अलग धाराओं में 7-7 साल की सजा, 60 लाख जुर्माना।
-एजेंसियां

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