RamRajya से होगी विश्वगुरु के रूप में भारत की पुनर्स्थापना: ऊर्जा गुरु अरिहंत ऋषि

इंदौर। इंदौर के अभय प्रशाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें ऊर्जा गुरु अरिहंत ऋषि ने RamRajya ‘एक नये भारत का निर्माण कार्य’ विषय पर सभा को सम्बोधित किया।

यह कार्यक्रम लाभ मंडपम अभय प्रशाल 10 रेस कोर्स रोडए न्यू पलासिया इंदौर, मध्य प्रदेश में कल 11 मार्च 2019 सोमवार को 2 बजे से आयोजित किया गया जिसमें शहर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। ऊर्जा गुरु अरिहंत ऋषि ने लोगों को RamRajya मिशन से भारत और विश्व को जोड़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में सभा को सम्बोधित करते हुए ऊर्जा गुरु अरिहंत ऋषि ने कहा कि रामराज्य से ही भारत और विश्व में अमन और शांति आएगी और रामराज्य की संकल्प ना से ही भारत पुन: विश्वगुरु बनेगा। यह एक ऐसा राम राज्य होगा जो वसुधैव कुटुम्‍बकम की बात करेगा।

इस राम राज्य में भारत में धर्म के संरक्षण संस्कृति के संवर्धन और हिन्दुत्व के जागरण के लिए संत समाज और साधारण जन के बीच आपसी तालमेल आवश्यमक है। यह एक ऐसा रामराज्यव होगा जहाँ आतंकवाद की बात न होती हो जहाँ हिन्दू संस्कृवति का संवर्धन होता हो जहाँ किसान और जवान दोनों मिलकर भारत माता की सेवा में तन,मन और धन से लगे हों और जहाँ आम जनता और राजनेताओं में समन्वय के भाव पैदा होते हों। इस रामराज्य में लोग रामचरित मानस बुद्ध महावीर और कृष्ण का अनुसरण करेंगे न कि पाश्चात्य संस्कृति को अपनायेंगे और यह रामराज्य ऐसा हो जहाँ विज्ञान गणित जैसे विषयों की पुनर्स्थांपना होती हो साथ ही यह अन्य विषयों को छूता हो।

आयोजक समिति ने बताया कि यह कार्यक्रम राम और रामराज्य की अवधारणा पर केन्द्रित है। राम भारतीय संस्कृति के केन्द्र में स्थित भारत के आदर्श हैं और रामराज्य की परिकल्पना हजारों साल पहले की है। रामराज्य की परिकल्पना महात्मा गांधी ने भी की थी। रामराज्य में सबकी मर्यादा अस्मिता की रक्षा होती है और सभी का समावेश होता है। राम हमारी संस्कृति में रचे.बसे हैं राम का व्यक्‍तित्व विराट है और उनका नाम इंडोनेशिया, मलेशियाए, कम्बोसडिया तक फैला हुआ है। रामराज्य एक आदर्श राज्य और आदर्श सत्ता का प्रतीक है। राम के जीवन से हम कुशलता के साथ मैनेजमेंट करना मोटिवेट करना और गलत का विरोध करना सीख सकते हैं।

इस अवसर पर शामिल मुख्य अतिथियों में दिव्यं महर्षि महामनाचार्य श्री कुशाग्रनंदी, गुरु चंपतराय जी श्री जितेन्द्रिनंद सरस्वती जी श्री राहुल वाळंज जी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुई जिसमें देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति हुई। ऊर्जा गुरु अरिहंत ऋषि के सम्बोधन के बाद उपस्थित श्रोताओं से संवाद सत्र का भी आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में धर्म, समाज उत्थाहन और राजनीति आदि विषयों पर चर्चा की गई जिसमें संतए नागरिक और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग भाग लिया।

-PR

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »