Ram Madhav ने कहा-J&K में स्थिति और खराब होती है तो सरकार को उठाने पड़ेंगे कड़े कदम

नई दिल्‍ली। बीजेपी के जम्मू कश्मीर के इंचार्ज Ram Madhav ने सीएनएन को दिए अपने एक इंटरव्‍यू में कहा है कि J&K में स्थिति और खराब होती है तो सरकार को कड़े कदम उठाने पड़ेंगे। हालांकि रमज़ान के महीने में केंद्र सरकरा द्वारा अस्थायी तौर पर सीज़फायर की घोषणा किया जाना भारत की तरफ से सद्भावनापूर्ण संकेत है। रमज़ान का पवित्र महीना बीत जाने पर इस बात पर फैसला किया जाएगा कि इसे आगे बढ़ाया जाए या नहीं।

Ram Madhav ने कहा कि सारे ऑपरेशन रोक दिए हैं लेकिन अगर किसी तरह की कोई आतंकी घटना होगी तो सुरक्षाबल उसका माकूल जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि अगर स्थिति और भी खराब होती है तो सरकार कड़े कदम उठाएगी। हुर्रियत के बारे में कहा कि सरकार को उम्मीद है कि वो शांति वार्ता में सकारात्मक तरीके से व्यवहार करेंगे, हालांकि उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से बात करना अलग बात है।

सीएनएन ने बीजेपी नेता से ये सवाल पूछे-

रमज़ान सीज़फायर के बारे में आपका कहना है?

राम माधव- सीज़फायर की घोषणा के पहले दो हफ्तों में ही ग्रेनेड फेंके जाने कई घटनाएं घटीं। पिछले दो दिनों में ही 4 से 5 ग्रेनेड फेंके गए।करीब हफ्ते दस दिन बाद पत्थरबाज़ी की घटना भी घटित हुई। ये काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। हमें लगा था कि रमज़ान के महीने में लोग धार्मिक कामों में व्यस्त होगें लेकिन अभी भी अच्छी खासी संख्या में भटके हुए युवा हैं और वो आतंकी घटनाओं में शामिल हो रहे हैं।

तो क्या आपको लगता है कि सीज़फायर फेल हो गया है?

राम माधव- नहीं ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। हमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। हमें उम्मीद थी कि घाटी में शांति बनी रहेगी इसलिए रमज़ान का महीना बीतने पर सरकार फिर से इस पर विचार करेगी और सही फैसला लिया जाएगा।

जब आप विचार करने की बात करते हैं तो क्या तो क्या आप इसको बढ़ाने की बात करते हैं?

राम माधव- जैसा कि मैने कहा कि मै इसे कार्रवाई को रोकना कहना पसंद करूंगा। हमने कार्रवाई को रोकने की घोषणा की थी लेकिन अगर किसी तरह की आतंकी घटना होती है तो सुरक्षाबल उचित कदम उठाएंगे, हालांकि इस मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी लेकिन अगर आतंकवादी घटनाएं जारी रहती हैं तो सुरक्षाबल कड़े कदम उठाएंगे।

क्या आप कह रहे हैं कि अगर यही स्थिति बनी रहती है तो क्या सीज़फायर को जारी नहीं रखा जाएगा. क्या यह सरकार के विचारों के विपरीत नहीं है?

राम माधव- इस मामले में अलग-अलग विचार हो सकते हैं। हम सरकार को अपना वास्तविक फीडबैक देंगे। दूसरी एजेंसियों से भी हम फीडबैक लेंगे। सरकार इसके बाद ही अंतिम फैसला लेगी।

सुरक्षाबलों को लगता है कि सीज़फायर की वजह से उनके द्वारा की जाने वाली आतंकवाद-विरोधी गतिविधियां काफी कुछ रुक गई हैं. क्या सरकार इस बात को लेकर चिंतित है?

राम माधव- इस बात को गंभीरता से लेना चाहिए। कार्रवाई को रोकने का काम किसी खास मकसद से किया गया है। हमने सोचा था कि सुरक्षाबल अगर रमज़ान के दौरान सद्भावनापूर्ण व्यवहार करेंगे तो उधर से भी वैसा ही व्यवहार किया जाएगा। कश्मीर को लेकर हम लोग दो तरह का एप्रोच है। एक तो ये है कि हम लोग आतंकवादियों से इस तरह व्यवहार करें कि जैसे शांति की कोई उम्मीद ही नहीं है। दूसरी तरफ हम हम लोग शांति की स्थापना इस तरह से करें कि जैसे कश्मीर में कोई आतंकवाद नहीं है लेकिन हम लोगों को दोनों तरह की बातों को साथ लेकर चलना होगा।

क्या सरकार पहले से ही हुर्रियत से बात कर रही है?

Ram Madhav ने जवाब दिया कि सरकार ने कश्मीर घाटी में सभी से बात करने की व्यवस्था की है। सरकार हुर्रियत सहित सभी वर्ग के लोगों से खुल के बात करना चाहती है। लेकिन जहां तक पाकिस्तान की बात ये अलग मुद्दा है।
-एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »