राम-जानकी डिप्लोमेसी: जनकपुर से अपने नेपाल दौरे की शुरुआत की नरेन्‍द्र मोदी ने

नेपाल। नेपाल में चीन के बढ़ते दखल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम-जानकी डिप्लोमेसी के सहारे दोनों देशों के रिश्तों को फिर से मजबूत करने की कोशिश की है। जानकी के मायके जनकपुर से अपने नेपाल दौरे की शुरुआत कर पीएम ने सदियों पुराने द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया है। पीएम मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली ने जनकपुर-अयोध्या सीधी बस सेवा की शुरुआत की। जानकी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद पीएम कीर्तन में भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने सिर पर पारंपरिक पाग पहना।
आपको बता दें कि पीएम के तौर पर यह मोदी का तीसरा नेपाल दौरा है। सीमा पर नाकेबंदी के कारण नेपाल के लोगों में भारत के खिलाफ कुछ नाराजगी पैदा हो गई थी।
दरअसल, ओली ने 2015 में संविधान लिखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी जिसे तब भारत का समर्थन नहीं मिल पाया था, जिसके बाद नेपाल के खिलाफ गैर-आधिकारिक गतिरोध की स्थिति बनी थी। अब मोदी के दौरे से उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देश और वहां के लोग मनमुटाव भूल दोस्ती की नई इबारत लिखेंगे।
मोदी ने नेपाल के पीएम को कहा भाई
गुलाबी पगड़ी पहने मोदी ने यहां लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘एकादशी के पावन पर्व पर माता जानकी के चरणों में आने का सौभाग्य मिला। भारत के पहले प्रधानमंत्री को आज जनकपुर में राजा जनक को, माता जानकी को प्रणाम करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यह भी ऐतिहासिक पल है कि नेपाल के आदरणीय प्रधानमंत्री और मेरे भाई साहब केपी शर्मा ओली स्वयं काठमांडू से यहां आए। मोदी का ओली को भाई कहना एक बड़ा संकेत है क्योंकि नेपाली पीएम को चीन की तरफ झुकाव रखने वाला माना जाता है।
पीएम ने कहा कि उन्होंने (ओली) माता जानकी के दर्शन के लिए उत्तम प्रबंध किया। पीएम ने नेपाल सरकार का अंत:करण पूर्वक शुक्रिया अदा किया। पीएम ने कहा, ‘नेपाल ने जो स्वागत और सम्मान दिया है, यह हजारों वर्षों की हमारी परंपरा और सवा सौ करोड़ भारतीयों का सम्मान है।’ उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में पर्यटन तेज गति से विकसित हो रहा है। रामायण सर्किट दोनों देशों के लिए बड़ी शुरुआत है।
पीएम ने कहा कि सदियों से जनकपुर का अयोध्या से अटूट नाता रहा है, आज जनकपुर-अयोध्या सीधी बस का प्रारंभ हो रहा है। इससे भविष्य में आर्थिक विकास और संबंधों को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
वहीं, नेपाली पीएम ओली ने अपने संबोधन में कहा कि यह जानकी की पवित्र भूमि है और यहां नेपाल की जनता की तरफ से पीएम मोदी का हार्दिक स्वागत है। जनकपुर खुश है कि हमने राम-लक्ष्मण को देखा, धनुष भंग होते देखा, राम-जानकी विवाह देखा। अयोध्या से बारात आई और जानकी की विदाई हुई। इस परंपरा को हमने आज तक बरकरार रखा है। नेपाली पीएम ने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच मैत्री व सांस्कृतिक संबंध रहे हैं।
-एजेंसी

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