रूस में राजनाथ का चीन के रक्षामंत्री को दो टूक जवाब, भारत किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार

मास्‍को। शंघाई सहयोग संगठन SCO की बैठक के इतर भारत-चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच हुई बातचीत को लेकर ट्विटर पर दी गई जानकारी में कहा गया है कि भारत सीमा प्रबंधन के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है और निभाता रहेगा, लेकिन अपनी संप्रभुता और अखंडता से कभी कोई समझौता नहीं करेगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन को कड़े और स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पूर्वी लद्दाख में तनाव का एकमात्र कारण चीनी सैनिकों का आक्रमक रवैया है और ऐसा चलता रहा तो भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उन्होंने रूस की राजधानी मॉस्को में चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेइ फेंघे से हुई बातचीत के दौरान यह संदेश दे दिया है।
रक्षा मंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, ‘रक्षा मंत्री ने (बातचीत के दौरान) चीनी सैनिकों की कार्यवाहियों, उनका आक्रामक व्यवहार और द्विपक्षीय संधियों का उल्लंघन करते हुए जमीनी हालात को एकतरफा बदलने की कोशिश के मुद्दे पर जोर दिया। उन्होंने सीमा पर चीन की तरफ से बड़ी संख्या में फौजियों को भेजने का मुद्दा भी उठाया।’
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के इतर भारत-चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच हुई बातचीत को लेकर ट्विटर पर दी गई जानकारी में कहा गया है कि भारत सीमा प्रबंधन के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है और निभाता रहेगा, लेकिन अपनी संप्रभुता और अखंडता से कभी कोई समझौता नहीं करेगा। इस ट्वीट में कहा गया है, ‘रक्षा मंत्री ने कहा कि बॉर्डर मैनेजमेंट के प्रति भारतीय सैनिकों का रवैया हमेशा से बहुत जिम्मेदाराना रहा है, लेकिन भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए।’
रक्षा मंत्री ने चीन को सलाह दी कि अगर चीन सीमा पर शांति और स्थिरता की दरकार महसूस करता है तो उसे ऐसा व्यवहार करना चाहिए जिससे आपस के मतभेद कभी विवाद नहीं का रूप नहीं ले सकें। रक्षा मंत्री कार्यालय ने अपने बयान में कहा, ‘रक्षा मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों को (दोनों देशों के) नेताओं के बीच बनी सहमतियों के अनुसार कदम उठाना चाहिए क्योंकि द्विपक्षीय रिश्तों में आगे बढ़ने के लिए भारत-चीन सीमा पर शांति और स्थिरता जरूरी है इसलिए दोनों पक्षों को अपने मतभेदों को विवाद का रूप नहीं देना चाहिए।’
आगे कहा गया है, ‘रक्षा मंत्री ने सलाह दी कि पेंगोंग झील समेत संघर्ष वाले तमाम इलाकों से जल्द-से-जल्द सैनिकों को हटाने की दिशा में चीन को भारत के साथ मिलकर काम करना चाहिए। साथ ही, द्विपक्षीय संधियों और प्रोटोकॉल्स के मुताबिक सीमा पर तनाव खत्म करना चाहिए।’
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *