मीडिया से बोले राजनाथ सिंह, कश्मीर में अमन के दरख्त अभी सूखे नहीं हैं

श्रीनगर। गृह मंत्री राजनाथ सिंह जम्मू-कश्मीर में चार दिनों के दौरे पर हैं। सोमवार को उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि कश्मीर में अमन के दरख्त अभी सूखे नहीं हैं।
उन्होंने कहा, ‘कश्मीर में मुझे अमन के नए पत्ते निकलते दिख रहे थे इसीलिए यहां की समस्या के स्थाई हल की बात कही थी। मैं समझता हूं कि कश्मीर के लोग अपना मुकद्दर अपनी मेहनत के सहारे ही संवारना चाहते हैं।’
अनुच्छेद 35ए पर उठे विवाद पर राजनाथ सिंह ने कहा, ‘हम लोगों की भावनाओं के खिलाफ नहीं जाएंगे। अब कोई मुद्दा नहीं बचा है इसलिए ऐसे मुद्दों को उठाया जा रहा है।’
राजनाथ सिंह ने कश्मीर में शांति प्रयासों की तरफ एक कदम और बढ़ाते हुए कहा, ‘मैं हर किसी से बातचीत करने को तैयार हूं, मैं उन सभी को आमंत्रित करता हूं जो कश्मीर की समस्याओं का समाधान निकालने में हमारी मदद करना चाहते हैं।’
गृह मंत्री ने कहा, ‘दहशतगर्दों ने कश्मीर की कई पीढ़ियों को बर्बाद किया है। हम अब एक और पीढ़ी को बर्बाद नहीं होने देंगे। गरीब ज्यादा इसके शिकार हुए हैं। भारत में ही नहीं पूरी दुनिया में मेसेज चला गया कि कश्मीर के हालात ठीक नहीं हैं इसलिए पर्यटन के लिए नहीं जाना चाहिए। यहां के हालात देखने के बाद मैं दुनियाभर के पर्यटकों से अपील करना चाहता हूं कि कश्मीर के लोग आपका इस्तेकबाल करने के लिए तैयार हैं। कश्मीर के लोग इसे फिर से जन्नत बनाना चाहते हैं।’
गृह मंत्री ने कहा कि पिछले 2 साल में वह 3-4 बार कश्मीर आ चुके हैं और अगर 50 बार भी आने की जरूरत होगी तो आएंगे। उन्होंने कहा, ‘यहां सुख समृद्धि के लिए सारे प्रयास करूंगा। कितनी भी बाधाएं क्यों न हों। हम जम्मू कश्मीर की समस्या को सुलझाना चाहते हैं।’ 15 अगस्त के पीएम मोदी के भाषण की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा, ‘कश्मीर की समस्या का समाधान न गोली से होगा न गाली से होगा, केवल लोगों को गले से लगा कर होगा। इसी को आगे बढ़ाने के लिए मैं प्रयत्नशील हूं। 2 दिनों में लगभग 55 प्रतिनिधिमंडल हमसे मिले। मैं सभी स्टेकहोल्डर्स से बात करना चाहूंगा। यहां आने के बाद सिविल सोसाइटी के कई डेलिगेशन मिले। स्टूडेंट, टीचर, और लीडर्स भी मिले और सबसे बातचीत हुई।’
सिंह ने कहा कि कश्मीर में पहले के मुकाबले स्थिति काफी बेहतर हुई है। उन्होंने कहा, ‘मैं यह दावा नहीं करना चाहता कि पूरी तरह से ठीक हैं लेकिन हालात बेहतर हो रहे हैं, यह मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं। मैंने जवानों से भी बात की है। मैं सेना के बीच भी जाऊंगा। मैं किसी को छोड़ना चहीं चाहता जिससे कोई संवाद न हो। मैं जम्मू-कश्मीर के पुलिस के जवानों के बीच जब मैं गया तो जब मैं अकीदत के लिए फूल चढ़ा रहा था तभी जोहरा की तस्वीर देखी। उसका वो चेहरा कभी भूलता नहीं है। हम हर युवक-युवती के चेहरे पर खुशी देखना चाहते हैं। इसके लिए बराबर हम लोग प्रयत्न करते रहेंगे। मैंने सिक्यॉरिटी रिव्यू मीटिंग भी की है। इस दौरान मैंने कहा कि छोटे बच्चे किसी के बहकावे में आकर कोई अपराध किया होगा। लेकिन उनके साथ अपराधाी की तरह व्यवहार न किया जाए। जो भी कार्यवाही होनी है जुवेनाइल ऐक्ट के तहत होनी चाहिए। उन्हें बालसुधार गृहों में भेजा जाना चाहिए। मैंने मुख्यमंत्री को भी इन मामलों की समीक्षा करने के लिए कहा है।’
-एजेंसी