शैक्षिक भ्रमण कर लौटे राजीव एकेडमी के एमबीए छात्र

राजीव एकेडमी के एमबीए प्रथम वर्ष के छात्रों ने Anmol industry में जाकर प्रयोगात्मक रुप से सीखी बिस्किट बनाने की प्रक्रिया

मथुरा। राजीव एकेडमी फाॅर टेक्नोलाॅजी एण्ड मैनेजमेंट एमबीए बैच (2018-20) के छात्र-छात्राओं ने नोएडा स्थित अनमोल इण्डस्ट्री का भ्रमण किया। भ्रमण से लौटने के बाद महाविद्यालय में उन्होंने अपने अनुभवों को दूसरे छात्र-छात्राओं के साथ बांटा। इससे पूर्व इन सभी छात्र-छात्राओं का कालेज में स्वागत किया गया। अनमोल इंडस्ट्री से लौटने के बाद छात्र-छात्राओं के चेहरे पर नए प्रयोगात्मक अनुभव की चमक साफ दिखाई दी।

आर.के. एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल, वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल बोले-व्यावहारिक अध्ययन में अनुशासन को महत्वपूर्ण

Anmol industry से लौटे छात्र योगेश शर्मा ने इस अवसर पर अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि अनमोल इण्डस्ट्री का भ्रमण सुखदायक रहा। इसकी वजह ये थी कि बहुत सारी जानकारी कक्षा अध्ययन में नहीं मिल पा रही थी, जिसके स्ट्रक्चर का ज्ञान इण्डस्ट्री में कार्यस्थल पर पहुंचकर हुआ। सभी बारीकियां भी समझ में आ गई। अमन अयूब ने बताया कि Anmol industry में मौके पर पहुंच कर अधिकारियों से जो ज्ञान मिला वह उपयोगी है। हम अवसर आने पर या कहीं जाॅब लगने पर इसका भरपूर प्रयोग कर सकेंगे। छात्रा योगेश्वरी शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस विजिट से हमें इण्डस्ट्रियल विजन और उसको समझने में आसानी हुई है। हमारे लिए यह बहुत अच्छा रहा।

इसके अलावा अन्य कई छात्र-छात्राओं राहुल, उमाम अली, अंजली, रागिनी यादव आदि ने भी अपने-अपने अनुभव बताए।
इस अवसर पर आर. के. एजुकेशन हब के चैयरमेन डा. रामकिशोर अग्रवाल ने सभी छात्र-छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि इण्डस्ट्रियल विजिट ज्ञान प्राप्ति का एक साधन है। जिससे उच्च व्यावसायिक अध्ययन की राह और आसान हो जाती है। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक अध्ययन की जानकारी प्राप्त होती है।

वाइस चैयरमेन पंकज अग्रवाल ने कहा कि कक्षा अध्ययन और व्यावहारिक अध्ययन दोनों छात्र-छात्राओं को अपना कॅरिअर निर्माण करने में अमूल्य योगदान देते हैं। एमडी मनोज अग्रवाल ने कक्षा अध्ययन और व्यावहारिक अध्ययन में अनुशासन को महत्वपूर्ण बताया। इससे पूर्व कम्पनी के क्वालिटी हैड जितेन्द्र सिंह व एचआर सुश्री ज्योति ने छात्र-छात्राओं को मेनुअल और आटोमैटिक बिस्किट निर्माण मशीनों के बारे में बताया। उन्होंने बिस्किट निर्माण में काम आने वाले राॅ मटीरियल उससे बिस्किट निर्माण व उसकी क्वालिटी में सुधार के बारे में विस्तार से बताया। बिस्किट को फाइनल टच किस तकनीक से दिया जाता है, इसके बारे में भी अधिकारियों ने विस्तार से बताया।

निदेशक डाॅ. अमर कुमार सक्सैना ने सभी छात्र-छात्राओं से कड़े परिश्रम और अनुशासित रहकर ज्ञान के प्रत्येक स्तर को समझने को कहा। उन्होंने कहा कि कक्षा हो या इण्डस्ट्रियल विजिट दोनों ही ज्ञान के स्त्रोत हैं, जहाँ हमें सावधानी पूर्वक ज्ञान प्राप्त करना चाहिए। इस अवसर पर समस्त शिक्षक स्टाफ भी उपस्थित रहा।

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