राजीव एकेडमी के चार छात्रों को Gigabyte में मिली नौकरी

-राजीव एकेडमी फाॅर टैक्नोलाॅजी एंड मैनेजमेंट में एक और आईटी कम्पनी Gigabyte ने उच्च पैकेज पर चार छात्रों को किया चयनित

-आरके गु्रप के चैयरमेन डाॅ. राम किशोर अग्रवाल और एमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि आई.टी. टेक्नोलाॅजी ने जीवन के हर क्षेत्र में मचाई नई क्रांति

मथुरा। आई.टी. के युग में कम्प्यूटर सपोर्ट कम्पनियों का बोलबाला है। पूरा बाजार आई.टी. टेक्नोलाॅजी युक्त हो चला है। ऐसे में आई.टी. और आई.टी. सपोर्ट कम्पनियों में रोजगार के अनेकों पद सृजित हो रहे हैं। इससे इस क्षेत्र के अनुभवी जानकार पढ़े लिखे नौजवानों के लिए यह अच्छा संकेत है। इसी क्रम में राजीव एकेडमी में एक और आईटी कम्पनी गीगाबाइट ने प्लेसमेंट लेेने के लिए शिरकत की। साक्षात्कार और आईक्यू टैस्ट के माध्यम से उच्च पैकेज पर चार छात्रों का चयन किया। इस क्रम में ईशु वाष्र्णेय, बाॅबी शर्मा, अभय दिवाकर (एमसीए) तथा मुकेश गुप्ता बीएससी (सीएस) चयनित हुए।
इस अवसर पर आरके ग्रुप के चैयरमेन डाॅ. राम किशोर अग्रवाल ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आई.टी. टेक्नोलाॅजी ने विश्व का नक्शा बदल दिया है। इससे जीवन के हर क्षेत्र में में नई क्रांति का उदय हुआ है। छात्र-छात्राएं नई टेक्नोलाॅजी का पूर्ण ज्ञान प्राप्त करें तत्पश्चात वे अपने घर-परिवार के पालन पोषण में नई तकनीकी का सदुपयोग करते हुए राष्ट्र निर्माण करने के लिए आगे बढें।
एमडी मनोज अग्रवाल ने कहा कि आई.टी. में लेटेस्ट साफ्टवेयर आ रहे हैं। आॅनलाइन सुविधाएं, एण्ड्रायड तकनीकी, माइक्रोसाफ्ट के माध्यम से लेटेस्ट स्पेसिफिक टेक्नोलाॅजी के माध्यम से छात्र-छात्राएं रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू सकते हैं।
कम्पनी के एच.आर. मैनेजर सुहैल वाहिद खान ने छात्र-छात्राओं को बताया कि गीगाबाइट कम्पनी मुख्य रुप से कम्प्यूटर सपोर्टिंग, बेव डिजाइनिंग, मोबाइल एप, साफ्टवेयर डिवैलपमेंट के कार्य कर रही है। छात्र-छात्राओं को इस कम्पनी में उत्तम तकनीकी माहौल मिलेगा। उन्हांेने कहा कि यह कम्पनी नोएडा में स्थित है।

निदेशक डाॅ. अमर कुमार सक्सैना ने कहा कि आईटी की कम्पनी Gigabyte में जाॅब प्राप्त हो जाना शुभ संकेत है, क्योंकि छात्र-छात्राएं ऐसी कम्पनी में अपनी स्वयं की काबिलियत के बल पर भविष्य के उच्चतम पायदान प्राप्त कर सकते हैं। मेहनतकश छात्र-छात्राओं में कार्यक्षमता समय के अनुरूप बढ़ते जाते हैं। छात्र-छात्राएं इन अवसरों का लाभ उठाकर अभिभावकांे द्वारा उनकी शिक्षा पर किये गये धन के व्यय को सार्थक करें।