लोकसभा TV पत्रकार अनुराग पुनेठा के पिता का निधन

लोकसभा टीवी के वरिष्‍ठ पत्रकार अनुराग पुनेठा के पिता श्री राजेन्‍द्र पुनेठा का गत 29 मई को हृदय गति रुक जाने से गाजियाबाद में निधन हो गया।
पुलिस विभाग से अवकाश ग्रहण करने के बाद राजेन्‍द्र पुनेठा गाजियाबाद में ही अनुराग पुनेठा के पास रह रहे थे।
वरिष्‍ठ पत्रकार अनुराग पुनेठा की तीन पीढ़ियों का मथुरा से गहरा नाता रहा है।
मूलरूप से उत्तराखंड निवासी अनुराग पुनेठा के दादा श्री GD पुनेठा मथुरा के मशहूर शिक्षण संस्‍थान चंपा अग्रवाल इंटर कॉलेज में इंग्‍लिश के लेक्‍चरर थे और फिर स्‍थायी रूप से यहीं बस गए।
कोतवाली क्षेत्र के घीयामंडी अंतर्गत मोहल्‍ला घाटी बहालराय में उन्‍होंने अपना निवास बना लिया और जीवन पर्यन्‍त वहीं रहे।
अनुराग के पिता श्री राजेन्‍द्र पुनेठा की भी शिक्षा मथुरा में पूरी हुई।
स्‍टेट लेबल के फुटबॉल खिलाड़ी राजेन्‍द्र पुनेठा को स्‍पोर्ट्स कोटे से ही उत्तर प्रदेश पुलिस में सेवा करने का मौका मिला।
राजेन्‍द्र पुनेठा ने मथुरा सहित पश्‍चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्‍न जनपदों में तैनाती के दौरान विभाग का नाम रोशन किया और कई उपलब्‍धियां हासिल कीं।
उर्दू भाषा पर अच्‍छी पकड़ होने के कारण राजेन्‍द्र पुनेठा को पुलिस महकमे में विशेष सम्‍मान हासिल था क्‍योंकि पुलिस विभाग में तफ्तीश करने से लेकर चार्जशीट फाइल करने तक आज भी उर्दू का काफी प्रयोग किया जाता है।
पुलिस अधिकारी के तौर पर राजेन्‍द्र पुनेठा की तफ्तीश इतनी चर्चित थी कि उनके द्वारा सुलझाए गए कई आपराधिक मामले उस दौर की मशहूर क्राइम पत्रिकाएं ‘सत्‍यकथा’ एवं ‘मनोहर कहानियांं’ में प्रकाशित हुए।
राजेन्‍द्र पुनेठा के सबसे बड़े पुत्र और वर्तमान में लोकसभा टीवी चैनल से संबद्ध अनुराग पुनेठा की भी शुरूआती शिक्षा-दीक्षा मथुरा में ही पूरी हुई। उसके बाद वह पत्रकारिता से जुड़ गए और कई मीडिया संस्‍थानों में विभिन्‍न पदों पर रहकर अब लोकसभा टीवी के लिए कार्य कर रहे हैं।
अनुराग के पिता राजेन्‍द्र पुनेठा की मथुरा व मथुरावासियों के प्रति आत्‍मीयता का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि वह 29 मई 2020 को निधन से पहले तक लगातार मथुरा आते रहे और अपने इष्‍ट-मित्रों, शुभचिंतकों एवं सहयोगियों के हमेशा संपर्क में रहे।
यही कारण है कि उनके निधन पर जितने शोकमग्‍न उनके परिजन हैं, उतने ही शोकाकुल मथुरा निवासी भी हैं।
मथुरा से उनके जुड़ाव का ही परिणाम था कि वह यहां आकर हमेशा अपने पैतृक निवास पर ही रुकते थे और आसपास के लोगों के सुख-दुख में शामिल होते रहे।
श्री राजेन्‍द्र पुनेठा के आकस्‍मिक निधन की सूचना पाकर मथुरा में काफी लोग व्‍यथित हैं और उन्‍हें अपने-अपने तरीके से श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
-Legend News

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