एमएसएमई की खूबियों से रूबरू हुए राजीव एकेडमी के छात्र-छात्राएं

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट में मंगलवार को एमएसएमई के सहयोग से एक सेमिनार का आयोजन किया गया। ऑनलाइन सेमिनार का विषय था रोल ऑफ इण्डस्ट्रियल पॉल्यूशन एण्ड कण्ट्रोल मेजर्स फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट इन उत्तर प्रदेश। सेमिनार में उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को बताया कि सूक्ष्म, लघु व मध्यम तीनों ही उद्योगों में प्रदूषण न के बराबर होता है। सेमिनार में केन्द्र व राज्य सरकार के कई अधिकारियों ने विद्यार्थियों का ज्ञानवर्धन करते हुए स्वयं का रोजगार स्थापित करने को प्रेरित किया।

सेमिनार में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि आज पूरा विश्व पर्यावरण प्रदूषण की चपेट में है। कहीं न कहीं बड़े उद्योग इसके लिए उत्तरदायी हैं। श्री सिंह ने कहा कि बड़े उद्योगों से विकास कम प्राकृतिक सम्पदा का नुकसान अधिक होता है। उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगों से नदियां प्रदूषित हो रही हैं और वातावरण में जहरीली गैसों का प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है। हम सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग स्थापित कर प्रदूषण से निजात पा सकते हैं। उत्तर प्रदेश पर्यावरण वन एवं मौसम परिवर्तन विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुधीर गर्ग ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण से लड़ने के लिए छोटे उद्योग कारगर हैं। छोटे उद्योगों में कम लागत में मुनाफा भी पर्याप्त मिलता है।

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मेम्बर सेक्रेटरी आशीष तिवारी ने कहा कि सूक्ष्म, लघु व मध्यम तीनों ही उद्योगों से प्रदूषण न के बराबर होता है। सरकार ऐसे उद्योगों को स्थापित करने से पूर्व ही इसके प्रदूषण मानकों पर ध्यान देती है ताकि उद्योगपति को लाभ भी हो सके और पर्यावरण प्रदूषण भी न हो पाए। की-नोटस्पीकर केन्द्रीय प्रदूषण कण्ट्रोल बोर्ड के रीजनल डायरेक्टर डा. आर.के. सिंह ने कहा उद्योग जगत के साथ और सहयोग से देश ही नहीं विश्व भर के पर्यावरण प्रदूषण पर नियंत्रण प्राप्त किया जा सकता है। सेमिनार में एमएसएमई से होने वाले लाभों के बारे में भी छात्र-छात्राओं को अवगत कराया गया। यह भी बताया गया कि रजिस्ट्रेशन के बाद लोन प्राप्त करना कैसे आसान हो जाता है, वह भी कम ब्याज पर। वक्ताओं ने कहा कि कम लागत पर युवा पीढ़ी एक स्टार्टअप खोल सकती है।

सेमिनार में अनूप चन्द्र पाण्डेय मेम्बर एनजीटी ओवर साइट कमेटी (उत्तर प्रदेश), संजय अग्रवाल प्रेसीडेंट पीएचडीसीसीआई, प्रदीप मुल्तानी सीनियर वाइस प्रेसीडेंट, साकेत डालमिया वाइस प्रेसीडेंट, डा. ललित खेतान चेयरमैन यूपी चार्टर, सतीश श्रीवास्तव को-चेयरमैन यूपी चार्टर, प्रदीप अग्रवाल को-चेयरमैन यूपी चार्टर, मनीष खेमका को-चेयरमैन यूपी चार्टर आदि ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए। आर.के. एज्यूकेशन हब के अध्यक्ष डा. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थी अध्ययन के साथ-साथ स्वयं का उद्यम स्थापित करने में रुचि लें क्योंकि आज के समय में पढ़ाई के साथ-साथ कमाई जरूरी है। डा. अग्रवाल ने कहा कि एमएसएमई में पंजीयन कराकर कम लागत में उद्यम स्थापित कर युवा सब्सिडी का भी लाभ ले सकते हैं।
– Legend News

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