विश्वकप में बारिश से Broadcaster व बीमा कंपनियों को करोड़ों की चपत

नई दिल्‍ली। बारिश से विश्वकप के प्रसारण अधि‍कार हासिल करने वाली Broadcaster  स्टार इंडिया के एड से कमाई पर चोट पड़ी है, लेकिन सबसे ज्यादा मजा खराब हुआ है बीमा कंपनियों का जिनको इस वजह से करीब 150 से 180 करोड़ रुपये की चपत लगी है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक उन Broadcaster टीवी चैनल ने बीमा क्लेम किया है जो कि प्रसारण के अधिकार के लिए आईसीसी को भुगतान पहले ही कर चुके हैं और मैच न होने से उन्हें विज्ञापन के रूप में कमाई का भारी नुकसान हुआ है।

इस बार विश्वकप क्रिकेट में बारिश ने कई महत्वपूर्ण मैचों का मजा किरकिरा कर दिया है। बारिश के कारण कई मैचों को रद्द भी करना पड़ा है। इससे Broadcaster अधि‍कार हासिल करने वाली स्टार इंडिया के एड से कमाई पर चोट पड़ी है, लेकिन सबसे ज्यादा मजा खराब हुआ है बीमा कंपनियों का जिनको इस वजह से करीब 150 से 180 करोड़ रुपये की चपत लगी है।

बारिश की वजह से इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) वर्ल्ड कप के कम से कम तीन मैच रद्द करने पड़े हैं। इस इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक एक सामान्य मैच के बीमा पर सम एश्योर्ड राशि करीब 60 करोड़ रुपये की होती है लेकिन खास मैचों जैसे सेमी फाइनल आदि के लिए यह 70 से 80 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। भारत-पाकिस्तान जैसे हाईप्रोफाइल मैच के लिए यह 125 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

आईसीसी आठ साल के लिए दो वर्ल्ड कप, दो चैम्पियंस ट्राफी के मैचों और टी-20 वर्ल्ड कप मैचों के लिए प्रसारण अधिकार बेच चुका है। स्टार इंडिया ने 2015 से 2023 तक इन मैचों के ऑडियो-विजुअल के प्रसारण अधिकार के लिए 1.98 अरब डॉलर (करीब 13800 करोड़ रुपये) दिए हैं, जो कि इसके पहले के आठ साल के चक्र के लिए दिए गए 1.1 अरब डॉलर से 80 फीसदी ज्यादा है। स्टार को अपनी प्रतिबद्धता के मुताबिक पैसे देने ही पड़ेंगे, तो जो मैच रद्द हुए हैं, उसमें उसको काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।

इस तरह के खास बीमा कवर आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय कंपनी लॉयड के द्वारा मुहैया किए जाते हैं लेकिन इस बार लॉयड ने दूसरे ब्रॉडकास्टर को बीमा सुविधा दी है। भारतीय बीमा कंपनियों की ऐसी बीमा करने की क्षमता 150 करोड़ रुपये तक की है और यह जोखिम कई कंपनियों में बंटता है, जिनमें न्यू इंडिया एश्योरेंस, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस और ओरिएंटल इंश्योरेंस शामिल हैं।

भारत इस लिहाज से काफी बड़ा बाजार है, क्योंकि कुल 1.5 अरब डॉलर (करीब 10500 करोड़ रुपये) की स्पांसरशिप में से अकेले करीब 1 डॉलर की स्पांसरशिप भारत से आती है, जो तीन मैच रद्द हुए हैं उनमें भारत-न्यूजीलैंड का मैच भी शामिल है।

गौरतलब है कि 45 दिनों (30 मई से 14 जुलाई तक) के इस ‘क्रिकेट महाकुंभ’ में दुनिया की शीर्ष 10 टीमें खिताबी जद्दोजहद में हिस्सा लेंगी। टूर्नामेंट में कुल 48 मैच खेले जाने का प्लान है, जिसमें से तीन बारिश की वजह से रद्द हो गए हैं, तो एक मैच बेनतीजा रहा है। सेमीफाइनल मैचों के लिए अधिकारियों की घोषणा लीग स्तर के खत्म होने और फाइनल के लिए अधिकारियों की घोषणा अंतिम-4 के खत्म होने के बाद होगी।

– एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »