इस साल कर्मचारियों को 78 दिन के वेतन जितना Bonus देगा रेलवे

दुर्गापूजा से पहले ही Bonus का भुगतान कर दिया जाएगा लेकिन मासिक वेतन की सीलिंग सात हजार रुपये ही रहेगी

नई दिल्ली। रेलवे इस साल कर्मचारियों को 78 दिन के वेतन के बराबर की राशि Bonus के रूप में देने जा रहा है। बुधवार को रेलवे के इस प्रस्ताव को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। उम्मीद की जा रही है कि दुर्गापूजा से पहले ही Bonus का भुगतान कर दिया जाएगा लेकिन मासिक वेतन की सीलिंग सात हजार रुपये ही रहेगी। इससे रेलवे पर करीब 2,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।
यह बोनस रेलवे गैर राजपत्रित कर्मचारियों को दिया जाता है, जिनकी संख्या 11.91 लाख है। हर साल दशहरे से पहले इस बोनस का भुगतान किए जाने की परंपरा रही है। इसमें रेलवे प्रॉटेक्शन फोर्स और रेलवे प्रॉटेक्शन स्पेशल फोर्स को शामिल नहीं किया जाता।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक इस बोनस के तहत एक एंप्लॉयी के खाते में 18 हजार रुपये तक की रकम आ सकती है। यह लगातार 7वां साल है, जब रेलवे कर्मियों को 78 दिन के बोनस का भुगतान किया जाएगा।

कैबिनेट ने भारतीय रेलवे के नॉन गैजिटेट कर्मियों को 78 दिन का उत्पादकता आधारित बोनस देने की घोषणा बुधवार को कर दी है। रेल कर्मियों को बोनस के तौर पर लगभग 17,950 रुपए मिलेंगे। इस बोनस का लाभ रेलवे के करीब 12 लाख नॉन गजटेड कर्मचारियों को मिलेगा। हालांकि रेलवे के कर्मचारी संगठन इस बोनस को बेहद कम बता रहे हैं।

सरकार को रेल कर्मियों को मिलने वाले बोनस के फार्मूले को तत्काल बदलने की जरूरत
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने बताया कि सरकार को रेल कर्मियों को मिलने वाले बोनस के फार्मूले को तत्काल बदलने की जरूरत है। रेल कर्मियों को 78 दिन के बोनस के तौर पर 17950 रुपये मिल रहा है। ये न्यूनतम मजदूरी से भी कम है। आज के समय में एक महीने की न्यूनतम मजदूरी 18000 रुपये है। वहीं पब्लिक सेक्टर में प्रति दिन के वेतन के हिसाब से बोनस बनता है। ऐसे में जितने दिन का बोनस घोषित होता है उतने दिन का बोनस मिलता है। रेलवे की ओर से 75 दिन का बोनस देने की योजना थी जिसे रेल कर्मचारी संगठनों के भारी विरोध के चलते 78 दिन किया गया है. लेकिन कर्मचारियों की मांग है कि कम से कम 80 दिनों का बोनस रेल कर्मियों को मिलना चाहिए।

क्या है बोनस घोषित करने का फॉर्मूला
रेलवे की ओर से रेल कर्मियों को 78 दिनों का बोनस देने की बात कही जा रही है वहीं 30 दिन के बोनस के तौर पर 7000 रुपये के आधार पर बोनस का आंकलन किया जाता है। इसका रेल कर्मी लम्बे समय से विरोध भी कर रहे हैं। रेलवे के कर्मचारी संगठनों के अनुसार रेलवे में इस समय कर्मचारियों की भारी कमी है। ऐसे में कम कर्मचारियों ने ज्यादा काम किया है. ऐसे में बोनस भी अधिक मिलना चाहिए।

-एजेंसियां

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