रेलवे में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम कर रही चीनी कंपनी को टर्मिनेट क‍िया

लखनऊ। रेलवे में Dedicated Freight Corridor (DFC) के ल‍िए सिग्नलिंग और टेलीकॉम का काम करने वाली चीन की कंपनी की सेवाएं व‍िगत द‍िवस शुक्रवार को टर्मिनेट कर दी गईं। रेलवे के अध‍िकार‍ियों के अनुसार कंपनी के काम की गुणवत्ता खराब होने के लिए यह निर्णय लिया गया। पिछले महीने जून में कंपनी का काम बंद कराया गया था।

डीएफसी ने कानपुर से दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) के बीच सिग्नलिंग और टेलीकॉम का कांट्रेक्ट बीजिंग नेशनल रेलवे रिसर्च एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट ऑफ सिग्नल एंड कम्युनिकेशंस ग्रुप लिमिटेड कंपनी को 2016 में दिया था। बीते 18 जून को कंपनी को नोटिस जारी कर काम को बंद कराया गया था। कंपनी ने चार सालों में काम में कोई विशेष रुचि नहीं दिखाई। चार साल में 20 फीसदी काम ही हो सका। काम समाप्त करने के बाद डीएफसी ने बीती तीन जुलाई को 14 दिन में जवाब न देने पर सेवाएं समाप्त करने का नोटिस भी दिया गया था।

कंपनी की ओर से अब तक कोई जवाब न आने के कारण यह निर्णय लिया गया है। कंपनी को इसके पूर्व काम की गुणवत्ता खराब होने के कारण पिछले साल दिसंबर महीने में भी 10 बार नोटिस दिया गया था।

डीएफसी के अफसरों का कहना है कि कंपनी के काम की गुणवत्ता सही न होने के कारण और उनकी ओर से बार-बार सवाल के बाद भी कोई जवाब न देने के कारण सेवा समाप्ति का निर्णय लिया गया है।

भी तक 16-17 फीसदी काम ही हो पाया

रेलवे अफसरों ने बताया कि 2016 में चीनी कंपनी को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर में भाऊपुर से दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक टेलीकम्युनिकेशन का काम दिया गया था। इसे 2021 में पूरा करना था। चार साल बीतने पर बमुश्किल 20 फीसदी काम ही हुआ। अभी तक 16-17 फीसदी काम ही हो पाया है इसलिए चीनी कंपनी से कांट्रैक्ट निरस्त किया गया है।

जापान, दक्षिण कोरिया से काम कराएगा रेलवे
रेलवे के शीर्ष अफसरों ने बताया कि कई बड़े काम चीन की कंपनियों से कराए जा रहे हैं या फिर कराए जाते हैं। रेलवे बोर्ड ने ऐसे सभी कार्यों का ब्यौरा जोनवार मांगा है। इसके बाद चीनी कंपनियों को रेलवे टाटा कर देगा।

बड़े प्रोजेक्टों में चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी
डीएफसी के हर प्रोजेक्ट में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों में चीनी कंपनियों की लगभग 40 फीसदी भागीदारी रहती है। चीनी कंपनियों से करार निरस्त करने पर उन्हें एक बड़ा झटका लगेगा। रेलवे या फिर डीएफसीसीआईएल तो अपना काम कहीं न कहीं से करा लेंगे। ये दीगर बात है कि काम में कुछ देरी हो जाए।

कांट्रैक्ट निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी
डीएफसीसीआईएल के सीपीआरओ वेद प्रकाश ने बताया कि चीनी कंपनी से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर कॉरपोरेशन आफ इंडिया ने कांट्रैक्ट निरस्त का फैसला लिया है। यह एक प्रक्रिया के तहत निरस्त होगा और इसमें समय लगता है।
– एजेंसी

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