रेल मंत्री ने बताया, हाथियों को बचाने में कामयाब रहा रेलवे का ‘प्लान बी’

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे को ‘प्लान बी’ द्वारा ट्रेन हादसों से हाथियों की मौत रोकने में सफलता मिल रही है। दरअसल, पटरियों को पार करते वक्त कई बार हाथी ट्रेन से टकरा जाते हैं, जिससे उनकी जान चली जाती है। इसे रोकने के लिए नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) ने पिछले साल ‘Plan Bee’ अपनाया था। इसके तहत रेलवे-क्रॉसिंग पर ऐसे ध्वनि यंत्र लगाए गए हैं जिनसे निकलने वाली मधुमक्खियों जैसी आवाज से हाथी रेल पटरियों से दूर रहते हैं और ट्रेन हादसों की चपेट में आने से बचते हैं।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को रेलवे के ‘प्लान बी’ की कामयाबी को बताते हुए ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया। गोयल ने लिखा, ‘रेलवे ने हाथियों को ट्रेन हादसों से बचाने के लिए ‘Plan Bee’ के तहत रेलवे-क्रॉसिंग पर ऐसे ध्वनि यंत्र लगाए हैं जिनसे निकलने वाली मधुमक्खियों की आवाज से हाथी रेल पटरियों से दूर रहते हैं और ट्रेन हादसों की चपेट में आने से बचते हैं।’ ध्वनि यंत्रों से मधुमक्खियों की भनभनाहट जैसी जो आवाज निकलती है, उसे हाथी 600 मीटर दूर से ही सुन सकते हैं।
बता दें कि देश के तमाम हिस्सों में रेलवे क्रॉसिंगों पर हाथियों के ट्रेनों से टकराने की कई घटनाएं होती रहती हैं। रेल राज्यमंत्री राजेश गोहेन ने पिछले साल लोकसभा में बताया था कि 2014 से 2016 के दौरान रेलवे ट्रैक पर 35 हाथियों की मौत हुई और 2017 में जुलाई तक ऐसे हादसों में 5 हाथियों की मौत हुई थी। इसी साल अप्रैल में ओडिशा के झरसुगिडा जिले में 4 हाथी ट्रेन से टकरा गए थे, जिससे चारों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
-एजेंसियां

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