Festive Season में रेलवे का गिफ्ट, कुछ ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर होगा खत्म

रेलवे का Festive Season के चलते दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहार पर यात्रियों की सुविधा के लिए फ्लेक्सी फेयर सिस्टम को खत्म करने का निर्णय

नई दिल्ली। Festive Season में रेलवे ने यात्रियों को बड़ा गिफ्ट देने का फैसला किया है,  रेलवे ने Festive Season के चलते दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहार पर यात्रियों की सुविधा के लिए फ्लेक्सी फेयर सिस्टम को खत्म करने का निर्णय लेने जा रहा है। हालांकि रेलवे कुछ चुनिंदा प्रीमियम ट्रेनों में ही इस सुविधा का लाभ देगा।
मिलेगी 50 फीसदी छूट

अंतिम समय में टिकट बुक कराने वालों रेलवे 50 फीसदी छूट देगा। इसका लाभ यात्रा तिथि से चार दिन पहले टिकट बुक कराने पर मिलेगा। रेलवे ने इसके लिए कुल 102 ट्रेनों को इस स्कीम में शामिल किया है। जिन ट्रेनों में 60 फीसदी से कम बुकिंग होती है, उनमें भी बुकिंग कराने पर 20 फीसदी की छूट दी जाएगी। इस समय 44 राजधानी, 46 शताब्दी और 52 दूरंतो ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर सुविधा लागू है।

फ्लेक्सी फेयर वाली ट्रेनों में हमसफर ट्रेनों का किराया मॉडल लागू किया जा सकता है। फ्लेक्सी फेयर और हमसफर ट्रेनों के किराये मॉडल में काफी अंतर है।

हमसफर ट्रेनों में 50 फीसदी सीटों पर किराया सामान्य रहता है। रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रैफिक) मोहम्मद जमशेद ने संकेत देते हुए कहा कि शेष बची 50 फीसदी बर्थ की बुकिंग के साथ 10-10 फीसदी किराया बढ़ता जाएगा।

वहीं फ्लेक्सी फेयर में हवाई जहाज की तरह दिन कम होने के साथ-साथ किराया बढ़ता जाता है। मतलब अगर यात्री एक महीने पहले टिकट बुक कराता है तो फिर सामान्य किराये में टिकट बुक होगा, लेकिन 2 दिन पहले टिकट बुक करने पर ज्यादा पैसा देना ही होगा, चाहे ट्रेन में ज्यादातर सींटे खाली हों।

खत्म हो जाएगा ट्रेनों में एसी टू कोच

भारतीय रेलवे जल्द ही ट्रेनों में एसी टू कोच को खत्म करने का फैसला लेने जा रहा है। हालांकि अभी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में लगे एसी टू कोच को कम नहीं किया जाएगा। रेलवे के प्लान के अनुसार, शुरुआत में राजधानी और दुरंतो में लगे एसी टू कोच को पूरी तरह से हटा देगा।

इसकी जगह पर थर्ड एसी कोच की संख्या को बढ़ाया जाएगा। रेलवे के इस फैसले से 50 राजधानी ट्रेनों में एसी-3 की 14 हजार से अधिक अतिरिक्त बर्थ का इंतजाम होगा जिसका सीधा फायदा यात्रियों को मिलेगा।

थर्ड एसी में सेकंड एसी की तुलना में ज्यादा मुसाफिर यात्रा करते हैं और वो रेलवे को मुनाफा भी अधिक देता है। एसी थर्ड के अलावा अन्य सभी आरक्षित श्रेणी घाटे में हैं। रेलवे की 2018-19 में 1 हजार नए एसी 3 कोच बनाने की योजना है, जो एक रिकॉर्ड है। पिछले साल रेलवे ने 778 एसी 3 टियर कोच बनाए थे।

– एजेंसी

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