राहुल गांधी बोले: लॉकडाउन के 4 स्‍टेज फेल, आगे का प्‍लान बताइए

नई दिल्‍ली। राहुल गांधी ने आज सरकार से उसका आगे का प्‍लान पूछा। उन्‍होंने कहा कि ‘लॉकडाउन के 4 स्‍टेज फेल हो चुके हैं, ऐसे में मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि आगे के लिए उसकी क्‍या रणनीति है।
मजदूरों के लिए क्‍या व्‍यवस्‍था है, MSMEs को कैसे खड़ा करेंगे?’
उन्‍होंने कहा कि हिंदुस्‍तान पहला ऐसा देश है जो बीमारी के बढ़ते वक्‍त लॉकडाउन खत्‍म कर रहा है।
मजदूरों पर राहुल ने क्‍यों बनाई फिल्‍म
राहुल गांधी ने प्रवासी मजदूरों के संघर्ष पर एक मिनी-फिल्‍म बनाई थी। उन्‍होंने कहा कि ‘ये मैंने इसलिए बनाई कि हमारे जो बाकी नागरिक हैं, वे इनकी पीड़ा को समझें, उनके दर्द को सुनें। काफी इम्‍पैक्‍ट होता है। ये लोग हमारी शक्ति हैं। अगर हम इनकी मदद नहीं करेंगे तो किसकी करेंगे। वित्‍त मंत्री की जो भी राय है, उसके लिए मैं उनको धन्‍यवाद करता हूं।’
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पिछले दिनों दिल्‍ली में घर लौट रहे कुछ प्रवासी मजदूरों से मिले थे। उनकी तस्‍वीरें आईं तो वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तंज कसते हुए कहा था कि राहुल ने ऐसा करके उन मजदूरों का वक्त खराब किया। ‘वे ड्रामेबाजी करते हैं। अगर सीरियस होते तो उनका कुछ बोझ उठा लेते।’ अब कांग्रेस नेता ने इस तंज का अपने अंदाज में जवाब दिया है। मंगलवार को राहुल ने वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग में कहा कि ‘अगर वे मुझे परमीशन दें तो मैं जरूर बैग उठाकर ले जाऊं।’ उन्‍होंने कहा कि एक का नहीं, 10-15 का उठाकर ले जाऊंगा।
निर्मला ने क्‍या कहा था?
17 मई को राहत पैकेज का ऐलान करते समय वित्‍त मंत्री ने राहुल गांधी पर ताना मारा था। उन्‍होंने कहा था कि “कांग्रेस पार्टी राहत पैकेज की प्रेस कॉन्फ्रेंस को ड्रामा बताती है लेकिन असली ड्रामेबाज वह खुद है। उन्होंने कहा राहुल गांधी सड़क पर बैठकर मजदूरों से बात करके उनका टाइम खराब कर रहे थे। इससे अच्छा होता उनके बच्चे, सूटकेस को पकड़कर उनके साथ पैदल चलते।”
‘पैदल ही निकल जाऊंगा उत्‍तर प्रदेश’
कांग्रेस नेता ने मंगलवार को कहा कि मजदूरों से बातचीत करने में उनका लक्ष्य एक ही है। उन्‍होंने कहा कि ‘मैं उनके दिल में क्‍या है, यह समझने की कोशिश करता हैं। मैं सच बोलूं तो मुझे इसका बहुत फायदा मिला । उनकी जानकारी और ज्ञान से मुझे बहुत फायदा मिलता है। जहां तक मदद की बात है, मैं मदद करता रहता हूं। अगर वो मुझे परमिशन दें तो मैं जरूर बैग उठाकर ले जाऊं। एक का नहीं, 10-15 का उठाकर ले जाऊंगा।’ राहुल ने कहा, “अगर वो (निर्मला) चाहती हैं मैं यहां से उत्‍तर प्रदेश चला जाऊंगा। मुझे वहां अलाउ कर दें। मैं पैदल यहां से निकल जाऊंगा। जितने लोगों की मदद मैं रास्‍ते में कर सकूंगा, मैं कर दूंगा।”
-एजेंसियां

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *