राहुल गांधी देश के ‘सबसे बड़े मसखरे’: चंद्रशेखर राव

हैदराबाद। टीआरएस चीफ के. चंद्रशेखर राव ने कहा है कि राहुल गांधी देश के ‘सबसे बड़े मसखरे’ हैं, वह जितना तेलंगाना आएंगे टीआरएस उतनी ज्यादा सीटें जीतेगी।
बता दें कि विधानसभा भंग किए जाने के कैबिनेट के फैसले को राज्यपाल ईएसएल नरसिंहन ने मंजूरी दे दी है, इससे राज्य में समय से पहले विधानसभा चुनाव का रास्ता भी साफ हो गया है।
तेलंगाना में विधानसभा भंग किए जाने के बाद तेलंगाना राष्ट्रीय समिति (टीआरएस) ने कुल 105 कैंडिडेट्स की पहली सूची जारी कर दी है। कैंडिडेट्स की सूची जारी करने के साथ ही के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर हमला भी बोल दिया है।
बता दें कि विधानसभा भंग किए जाने के कैबिनेट के फैसले को राज्यपाल ईएसएल नरसिंहन ने मंजूरी दे दी है, इससे राज्य में समय से पहले विधानसभा चुनाव का रास्ता भी साफ हो गया है।
कैंडिडेट्स की घोषणा करने के बाद टीआरएस अध्यक्ष और कार्यवाहक मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा, ‘2014 से पहले तेलंगाना में बम धमाका, बिजली का मुद्दा और सांप्रदायिक दंगों जैसी कई समस्याएं थीं लेकिन अब हम इन चीजों से मुक्त हो चुके हैं। मैं कांग्रेस के नेताओं को कह रहा हूं कि वे जमीन पर आएं और चुनाव लड़ें, जनता उनको जवाब दे देगी।’
उन्होंने आगे कहा, ‘सब जानते हैं कि राहुल गांधी क्या हैं। वह देश के सबसे बड़े मसखते हैं। पूरे देश ने देखा कि वह कैसे नरेंद्र मोदी के पास गए और उन्हें गले लगाया और किस तरह वह आंख मार रहे थे। वह हमारे लिए संपत्ति की तरह हैं, वह जितना तेलंगाना आएंगे हम उतनी ज्यादा सीटें जीतेंगे।’
गौरतलब है कि तेलंगाना में विधानसभा की कुल 119 सीटें हैं। इसमें सत्ताधारी टीआरएस के पास विधानसभा में अभी 90 सीटें हैं जबकि विपक्षी कांग्रेस के पास 13 सीटें और बीजेपी के पास 5 सीटें हैं।
‘बीजेपी के साथ जाने का सवाल ही नहीं’
बीजेपी के साथ गठबंधन के सवाल पर केसीआर ने कहा, ‘टीआएएस 100 पर्सेंट सेक्युलर पार्टी है। हम बीजेपी से हाथ कैसे मिला सकते हैं?’ उन्होंने आगे कहा, ‘राहुल गांधी को कांग्रेस की दिल्ली सल्तनत विरासत में मिली है। वह उसके कानूनी उत्तराधिकारी हैं। यही कारण है कि मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे दिल्ली और कांग्रेस के गुलाम न बनें। तेलंगाना का निर्णय तेलंगाना में होना चाहिए।’
केसीआर ने यह भी कहा कि हर चुनाव भले ही अकेले लड़ेंगे लेकिन एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-एतिहादुल मुसलमीन) से हमारी दोस्ती को लेकर कोई संदेह नहीं है।
कांग्रेस-टीडीपी करेंगी गठबंधन?
दूसरी ओर सूत्रों के अनुसार, यह खबर भी सामने आ रही है कि कांग्रेस और टीडीपी मिलकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव में एकसाथ उतर सकती है। इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू के बीच चुनावी प्रक्रिया को लेकर आपसी समझ बन चुकी है।
भले ही आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद चंद्रबाबू नायडू हैदराबाद से शिफ्ट हो गए हों लेकिन तेलंगाना के कई विधानसभा क्षेत्रों खासकर ग्रेटर हैदराबाद में टीडीपी की पकड़ अभी भी मजबूत है। 2014 चुनावों में टीडीपी-बीजेपी के गठबंधन ने 24 विधानसभा सीटों में से 14 सीटें जीती थीं।
-एजेंसियां

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