राहुल गांधी गंभीर नेता नहीं हैं: पूर्व कांग्रेस नेता विश्‍वजीत राणे

Rahul Gandhi is not a serious leader: former Congress leader Vishwajeet Rane
राहुल गांधी गंभीर नेता नहीं हैं: पूर्व कांग्रेस नेता विश्‍वजीत राणे

नई दिल्‍ली। गोवा में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम चुके विश्‍वजीत राणे का कहना है कि कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी गंभीर नेता नहीं हैं। राणे का कहना है कि उनके नेतृत्‍व में वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस महज बीस सीटों पर ही सिमट कर रह जाएगी। उन्‍होंने आरेाप लगाया कि राहुल गांधी राज्‍य की जनता और उनके द्वारा दिए गए जनमत को लेकर भी गंभीर नहीं हैं।
इतना ही नहीं, विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद भी वह राज्‍य में सरकार बनाने को लेकर गंभीर नहीं रहे। राणे ने कहा कि उन तक पहुंचना आसान नहीं है। इसके अलावा गंभीरता किसी भी नेता की पहचान होती है जो राहुल गांधी से पूरी तरह से नदारद है। किसी भी पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए उसके शीर्ष नेता का गंभीर होना बेहद जरूरी होता है।
वरिष्‍ठ विधायकों का अपमान
उनका कहना था कि राहुल गांधी एक ऐसे विधायक को जिसने कभी पार्टी की किसी बैठक में हिस्‍सा नहीं लिया, उसे विपक्ष का नेता बना देते हैं और 11 बार से जीत दर्ज करने वाला एक विधायक सामान्‍य विधायक की तरह काम करता रहता है। ऐसे विधायकों का यह सरासर अपमान है। राणे ने कहा कि यदि राहुल गांधी इसी तरह से काम करते रहे तो वह दिन दूर नहीं जब आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस महज बीस सीटों पर ही सिमट कर रह जाए।
कांग्रेस की दशा सुधारने वाला कोई नेता मौजूद नहीं
साथ ही राणे ने कहा कि उन्‍हें मौजूदा समय में कोई ऐसा नेता नजर नहीं आता है जो कांग्रेस की हालत को सुधार सके। आने वाले दस वर्षों में कांग्रेस का भविष्‍य खत्‍म होता दिखाई दे रहा है। उनका कहना था कि जब राज्‍य में राहुल गांधी की सबसे ज्‍यादा जरूरत थी उस वक्‍त राहुल गांधी का कुछ पता ही नहीं था। राहुल गांधी के सा‍थ राणे ने कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता दिग्विजय सिंह को भी आड़े हाथों लिया।
कांग्रेस को बर्बाद करने पर तुले हैं दिग्विजय
उन्‍होंने दिग्विजय पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह मानते हैं कि दिग्विजय सिंह कांग्रेस को सत्‍ता से दूर रखना चाहते हैं। उनकी पूरी कोशिश रहती है कि कांग्रेस सत्‍ता में न आकर विपक्ष में बैठे। इसके बाद इसमें आखिरी कील कांग्रेस विधायक दल के नेता बाबू कावलेकर जैसे लोग भी ठोक देते हैं जो कभी बैठक में हिस्‍सा ही नहीं लेते। पूर्व कांग्रेस विधायक का कहना था कि अब कांग्रेस का अंत तय है। हालांकि उन्‍होंने सोनिया गांधी को एक बेहतर नेता बताया। उन्‍होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की हालत से उनके पिता और पूर्व सीएम भी काफी दुखी हैं।
गोवा के पूर्व सीएम के पुत्र हैं राणे
गौरतलब है कि विश्‍वजीत राणे गोवा के पूर्व सीएम प्रतापसिंह राणे के पुत्र हैं। उन्‍होंने इस विधानसभा चुनाव में वालपोई विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी लेकिन बाद में उन्‍होंने राज्‍य में सरकार बनाने से वंचित रहने वाली कांग्रेस से इस्‍तीफा दे दिया था। उन्‍होंने बाद में कांग्रेस विधायक दल से भी अपना इस्‍तीफा दे दिया था और वह भाजपा द्वारा सदन में बहुमत साबित करने के समय नदारद रहे थे। वहीं भाजपा की सरकार के मुखिया मनोहर पार्रिकर बहुमत साबित करने में सफल हुए थे।
-एजेंसी

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