महिला राष्ट्रीय टीम के लिए सहयोगी स्टाफ की असंवैधानिक नियुक्ति पर सवाल

नई दिल्‍ली। सीओए सदस्य डायना इडुल्जी और बीसीसीआई की शीर्ष परिषद की नई सदस्य शांता रंगास्वामी ने शुक्रवार को बोर्ड के सीईओ राहुल जौहरी को पत्र लिखकर महिला राष्ट्रीय टीम के लिए सहयोगी स्टाफ की असंवैधानिक नियुक्ति पर सवाल उठाए।
जीएम (क्रिकेट परिचालन) सबा करीम महिला क्रिकेट का कार्यभार संभालते हैं। इन नियुक्तियों के लिए वह संदेह के घेरे में हैं।
हेमलता काला की अगुवाई वाले महिला चयन पैनल ने 1 दिन पहले सीईओ को लिखकर दावा किया कि उन्हें सहयोगी स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया से दूर रखा गया था।
इसके 1 दिन बाद पूर्व भारतीय कप्तान इडुल्जी और रंगास्वामी ने राष्ट्रीय महिला टीम के साथ इस तरह के रवैए की आलोचना की।
बीसीसीआई संविधान के अनुसार चयनकर्ता ही पुरुष और महिला राष्ट्रीय टीम के सहयोगी स्टाफ की नियुक्त करते हैं। हाल में पुरुष टीम के सहयोगी स्टाफ की नियुक्ति के लिए इस प्रक्रिया का पालन किया गया था। इडुल्जी ने पत्र में लिखा कि मैं महिला चयनकर्ताओं द्वारा आपको लिखे गए ई-मेल में लिखी बातें पढ़कर हैरान हूं कि वीडियो विश्लेषक के चयन के लिए गलत प्रक्रिया का पालन किया गया।
उन्होंने लिखा कि यह और भी चिंता की बात है कि पुष्कर सावंत वेस्टइंडीज के लिए फ्लाइट भी बुक करा चुके हैं जिन्हें सबा करीम और एनसीए इस पद पर चाहते थे। यह पूरी प्रक्रिया ही आंखों में धूल झोंकने वाली लगती है।
चयनकर्ताओं ने दावा किया है कि उन्हें महिला टीम के गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण कोच की नियुक्ति के लिए भी विश्वास में नहीं लिया गया था। उन्हें सिर्फ वीडियो विश्लेषक की भूमिका के लिए साक्षात्कार कराने के लिए कहा गया जिसके लिए प्रक्रिया शुक्रवार को समाप्त हुई।
इडुल्जी और रंगास्वामी ने दावा किया कि वीडियो विश्लेषक की भूमिका के लिए भी नियमों का उल्लघंन किया गया, हालांकि इस मामले में आवेदन मंगाए गए थे जबकि गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षक कोच के मामले में ऐसा नहीं था। एनसीए के गेंदबाजी कोच नरेंद्र हिरवानी और टी दिलीप टीम के साथ क्रमश: गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण कोच के रूप में वेस्टइंडीज जाएंगे।
-एजेंसियां

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