प्यारे मियां जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार, सफेदपोश लोगों का होगा पर्दाफाश

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी में नाबालिग लड़कियों का सेक्स रैकेट चलाने वाला मुख्य आरोपी प्यारे मियां ‘अब्बू’ को जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार कर लिया गया है। पत्रकारिता की आड़ में घिनौना काम करने वाले पत्रकार प्यारे मियां को श्रीनगर से गिरफ्तार करने में जम्मू-कश्मीर की पुलिस ने भोपाल पुलिस की मदद की , अब प्यारे मियां को लेकर भोपाल पुलिस देर रात या कल सुबह भोपाल पहुंचेगी। उसकी गिरफ्तारी से इस मामले में शामिल कई सफेदपोश लोगों का पर्दाफाश होगा।

दक्षिण भोपाल के पुलिस अधीक्षक साई कृष्ण थोता ने बताया कि प्यारे मियां को जम्मू-कश्मीर की स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मध्यप्रदेश पुलिस वहां पहुंच चुकी है और उसे जल्द ही भोपाल लाया जाएगा। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। थोता इस एसआईटी का नेतृत्व कर रहे हैं।

यह यह रैकेट नाबालिग बच्चियों को जाल में फंसाकर रसूखदारों के सामने पेश करता था। 68 साल का मुख्य आरोपी प्यारे मियां खुद को एक अखबार का मालिक बताता है। पुलिस ने इस मामले में पहले ही मामला दर्ज कर चुकी है। बीते दिनों आष्टा से प्यारे मियां की पजेरो गाड़ी बरामद हुई थी जो एक खेत में छुपाकर रखी गई थी। जानकारी के अनुसार इस रैकेट में फंसाई गईं लड़कियां प्यारे मियां को अब्बू कहकर बुलाती थीं।
अभी तक दो महिलाओं समेत चार की हुई थी पहले गिरफ्तारी
इस मामले में प्यारे मियां से पहले दो महिलाओं सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें महिला दलाल स्वीटी विश्वकर्मा (21), उवैस, अनस और राबिया बी शामिल हैं। उवैस और अनस प्यारे मियां के रिश्तेदार हैं।  पुलिस शहर में उसके अवैध रूप से कब्जा किए गए शादी हॉल और कुछ मकानों को भी ढहा चुकी है। बाकी मकानों को ढहाने की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस ने प्यारे मियां के भोपाल और इंदौर स्थित चार मकानों और फ्लैटों में छापा मारकर डीवीडी, सीडी प्लेयर, पेन ड्राइव और हार्ड डिस्क में स्टोर की गई बड़ी तादात में अश्लील सामग्री जब्त की थी। इसमें से कुछ चाइल्ड पोर्नोग्राफी सामग्री भी थी। इसके अलावा, यहां से बारहसिंगे के सींग, वन्य जीवों की हड्डियां और बड़ी तादात में शराब की बोतलें भी बरामद हुई थीं। उसकी दो कारों को भी जब्त किया गया है।

इस तरह खुला था मामला 

पुलिस ने बताया कि बीते शनिवार को चार नाबालिग लड़कियां शराब के नशे में आ रही थीं। पता चला कि ये लड़कियां शनिवार रात 12:30 बजे तक प्यारे मियां के शाहपुरा स्थित ऐशगाह फ्लैट पर थीं। पार्टी में काफी शराब पीने के बाद उन्होंने खाना खाया और दो स्कूटर से ऐशगाह हिल्स जाने के लिए निकल गईं।  मगर नशा ज्यादा होने से रास्ता भटक गईं। इस बीच पुलिस ने उन्हें संदेह के आधार पर रोका। तब रात डेढ़ बजे उन्होंने प्यारे मियां को फोन लगा दिया। काफी पूछताछ के बाद अगले दिन सुबह उन्होंने कबूला कि प्यारे मियां ने उनके साथ गलत किया है। जैसे ही घटना का खुलासा हुआ, प्यारे मियां फरार हो गया।
रसूखदारों की पार्टी में करता था पेश 
पुलिस के मुताबिक प्यारे मियां नाम के इस शख्स के कई रसूखदार लोगों से संपर्क थे। वह 14 से 16 साल की बच्चियों को अपने जाल में फंसाता और उन्हें रईस लोगों की पार्टी में पेश करता था। इससे पहले वह खुद भी इन नाबालिग बच्चियों के साथ हैवानियत करता। पुलिस ने आधा दर्जन से ज्यादा नाबालिगों को इसके चंगुल से छुड़ा लिया है।
व्यापारी, उद्योगपतियों की उड़ी नींद

जैसे ही यह मामला सामने आया है, तभी से भोपाल के कई बड़े व्यापारी, उद्योगपतियों और बिल्डरों की नींद उड़ गई है। जानकारी के मुताबिक ये लोग लगातार प्यारे मियां के साथ उसके फ्लैट के फॉर्महाउस पर पार्टियां करते थे। माना जा रहा है कि जांच की गहराइयों में जाने पर इसके तार कई बड़े नामों से जुड़ सकते हैं। यहां तक कि यह चर्चित हनी ट्रैप से भी बड़ा कांड साबित हो सकता है।

गरीब लड़कियों को फंसाता था
प्यारे मियां बहुत ही शातिर तरीके से अपने काम को अंजाम देने में लगा हुआ था। गरीब परिवार की लड़कियों को वो खासतौर से अपना निशाना बनाता था। पुलिस के मुताबिक उसके इस काम को अंजाम देती थी दलाल स्वीटी विश्वकर्मा। जिन बच्चियों को पैसों की जरूरत होती, वह उन्हें स्वीटी के जरिए फंसाता। इसके बाद 68 साल का प्यारे मियां उनके साथ हैवानियत करता।

हैवानियत के बदले बच्चियों को 10 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाता। यही नहीं कोई लड़की ज्यादा पसंद आने पर उसे टिप के रूप में अतिरिक्त पैसे भी देता। प्यारे मियां के कई ठिकाने हैं। शाहपुरा स्थित ऐशगाह नामक फ्लैट, रातीबड़ का फार्म हाउस, जहां वह न सिर्फ खुद बल्कि अपने दोस्तों को भी हैवानियत करने के लिए बुलाता।
अब्बू पुकारती थीं लड़कियां 
नाबालिग लड़कियां प्यारे मियां को अब्बू कहकर पुकारती थीं। पुलिस की पूछताछ में दो लड़कियों ने बताया कि वह अब्बू के घर गई थीं। पुलिस का अनुमान है कि चाइल्ड लाइन और सीडब्ल्यूसी की काउंसलिंग में और भी लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।

– एजेंसी

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