पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा, सिद्धू के मामले पर विचार करने की जरूरत

Punjab and Haryana High Court said, need to consider the case of Sidhuचंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक पीआईएल पर सुनवाई करते हुए पंजाब के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा से पूछा, “मंत्री सरकारी पद पर तैनात मुलाजिम की तरह है। अगर कोई मुलाजिम पद पर रहते हुए बिजनेस करेगा तो क्या ये कॉनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट का मामला नहीं बनता है?” हाईकोर्ट ने यह भी कहा, “सिद्धू के टीवी पर कॉमेडी शो में आने पर कानूनी और नैतिक आधार पर विचार किए जाने की जरूरत है।” मामले की सुनवाई अब 11 अप्रैल को होगी। उल्‍लेखनीय है कि नवजोत सिंह सिद्धू के मंत्री बनने के बावजूद कॉमेडी शो में काम करते रहने का मामला कोर्ट पहुंच गया है।
वकील एचसी अरोड़ा की तरफ से दाखिल पीआईएल में कहा गया कि सिद्धू पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। संवैधानिक पद होने के चलते उन्हें कॉमेडी शो में भाग नहीं लेना चाहिए।
वकील अरोड़ा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार के एडवोकेट जनरल कोर्ट में मौजूद हैं। ऐसे में उनसे पूछा जाना चाहिए कि उनका इस बारे में क्या कहना है। इस पर कोर्ट ने एजी से इस बारे में पूछा कि मंत्री पद पर रहने वाले किसी शख्स को क्या किसी कॉमेडी शो में शामिल होना चाहिए, शिष्टाचार क्या कहता है। इस पर एजी ने कहा कि वे यहां राज्य सरकार का पक्ष लीगल इश्यू पर रखने के लिए हैं।
पिटिशनर ने आंध्र HC के फैसले का दिया हवाला
पीआईएल में अरोड़ा ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि सीएम को फिल्म में काम नहीं करना चाहिए। अरोड़ा ने कहा कि इसी तरह कैबिनेट मिनिस्टर का कॉमेडी शो में काम करना, फिल्म में एक्टिंग करने से भी खराब स्थिति है। टूरिज्म और कल्चरल मिनिस्टर होते हुए इस तरह काम करना हितों का टकराव भी है।
क्या है इंम्प्लॉइज कंडक्ट रूल्स?
पंजाब गवर्नमेंट इम्प्लॉइज कंडक्ट रूल्स 1966 के रूल 15 के मुताबिक कोई भी कर्मचारी प्राइवेट ट्रेड या बिजनेस नहीं कर सकता। ऐसे में मंत्री खुद प्राइवेट बिजनेस करते हुए इम्प्लॉइज को इससे कैसे रोक सकता है?
कैप्टन के राय मांगने पर एजी ने कहा था इसमें कोई दिक्कत नहीं
इस मामले ने तूल उस समय पकड़ा था, जब सिद्धू के शो करने पर पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कानूनी सलाह लेने की बात कही थी।
कैप्टन ने मीडिया से कहा था कि वह ‘द कपिल शर्मा शो’ पर सिद्धू के सेलिब्रिटी-जज बने रहने को लेकर एडवोकेट जनरल से अपनी राय लेंगे। बाद में एजी नंदा ने कहा था कि इसमें कोई दिक्कत नहीं है।
बता दें कि सिद्धू ने पंजाब में इस साल हुए विधानसभा चुनाव से कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस ज्वॉइन की थी। सिद्धू बीजेपी में भी रह चुके हैं। पंजाब में मिली जीत के बाद सीएम बने अमरिंदर सिंह ने सिद्धू को अपनी कैबिनेट में शामिल किया था।
-एजेंसी

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