दुबई-बैंकाक के बीच आगरा से Air connectivity शुरू हो

आगरा। सिविल सोसायटी आगरा ने आगरा टू दुबई तथा आगरा टू बैंकाक के बीच Air connectivity शुरू करवाने का प्रस्‍ताव केंद्र सरकार को भेजा है। प्रस्‍ताव में सोसायटी की ओर से कहा गया है कि आगरा अंतराष्‍ट्रीय ख्‍याति का महानगर है, ताजमहल सहित World Heritage Sites के तीन स्‍मारक यहां स्‍थित हैं किन्‍तु इसके बावजूद पिछले कई दशकों से आगरा एक भी शैड्यूल्‍ड या रैग्‍युलर इंटरनेशनल फ्लाइट नहीं आती है।
आगरा आने वाली फ्लोटिंग पॉपुलेशन और इंटरनेशनल ट्रैवलरों की संख्‍या देख कर अपने आप में आश्‍चर्यजनक ही प्रतीत होता है। देश में जब ओपिन एयर पॉलिसी लागू हुई थी उस समय लगा था कि शायद Air connectivity के चलते इंटरनेशनल फ्लाइटों की संचालक एयरलाइंस आगरा की ओर रुख करें किन्‍तु अनेक कारणों से जिन्‍होंने दिलचस्‍पी दर्शायी भी वह भी उदासीन हो गये।

अब मोदी सरकार ने नयी उड्डयन नीति बनायी है जिसके तहत आगरा के लिये एक बार पुन: संभावनायें संभव हुई हैं। सिविल सोसायटी आगरा ने इसी नीति के तहत आगरा के लिये ‘आगरा टू दुबई तथा आगरा टू बैंकाक के बीच Air connectivity शुरू करवाने का प्रस्‍ताव भेजा है। उम्‍मीद जतायी है कि अगर लखनऊ ने इसे जरा गंभीरता से लिया तो भारत सरकार को आगरा संबधी प्रस्ताव को स्‍वीकार कर यहां के सिविल एयरपोर्ट को इंटरनेशनल फ्लाइटों से जोड़ना ही पड़ेगा।

नेशनल सिविल एविएशन पॉलिसी 2016 ( एन सी ए पी 2016) का लक्ष्‍य देश की एयरलाइंस के लिये यात्रियों की संख्‍या में व्‍यापक बढोत्‍तरी करना है। इसमें इंटरनेशनल ट्रैवलर्स (भारतीये और विढेशी) को खास तौर पर लक्षित किया गया है।
सरकार का अनुमान है कि अगर नीति के पक्ष में माहौल का बनाया जाना संभव रहा तो वर्ष 2027 तक भारतीय विमान पत्‍तनों का उपयोग कर यहां से टिकट खरीद कर अंतर्राष्‍ट्रीय उड़ानों के वायुयानों को पकडने वालों की संख्‍या 20 करोड प्रतिवर्ष तक पहुंच जायेगी। लक्ष्‍य का यह आदर्श आंकडा जरूर लगता है किन्‍तु अंतर्राष्‍ट्रीय उडानों के यात्रियों की संख्‍या बढोत्‍तरी की दर है, उससे यह आंकडा सटीकता के लगभग न मानने का कोयी कारण नहीं है।

इंटरनेशनल एयर कनैक्‍टिविटी स्‍कीम (आईएसी) का इस लक्ष्‍य के प्राप्‍त करने में बहुत महत्‍व आंका जा रहा है। जो अपने आप में एक एक वास्‍तविकता भी है। इस नीति के तहत राज्‍य सरकारों को भी अपने स्‍तर से अंतर्राष्‍ट्रीय उडानों से अपने हवाई अडडों को जोड़ने का अवसर है। राज्‍यों की पहल को योजना के तहत अनुदान उपलबधता की भी व्‍यवस्‍था है।
अत: उप्र सरकार को बिना किसी विलम्‍ब के भारत सरकार को अपने कुछ एयरपोर्ट्स को इंटरनेशनल फ्लाइट्स से जोड़ने संबधी प्रस्‍ताव केन्‍द्रीय नागरिक उड्डयन विभाग और नीति आयोग के पास भेजने चाहिये।

सरकार के पास वस्‍तुस्‍थितियों को जानने और समझने के लिये अपने विपुल संसाधन होते हैं किन्‍तु इसके बावजूद आगरा की अब तक उपेक्षा ही होती रही और आगरा के लाभ की योजनायें क्रियान्‍वित होने के स्‍थान पर लटकी ही रहीं।

इसी के फलस्‍वरूप इस बार सिविल सोसायटी आगरा ने अपने स्‍तर से पहल कर राज्‍य सरकार के माध्‍यम से भारत सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग को सहज क्रियान्‍वयन हो सकने के लायक प्रसतव भेजा है तथा उम्‍मीद जतायी है कि सरकार इन प्रस्‍ताव पर शीघ्र निर्णय लेकर ताज सिटी के सिविल एन्‍कलेव को भी इंटरनेशनल फ्लाइटों के क्‍लीयरेंस और उनसे आगरा पहुंचने वाले यात्रियों की मेजबानी करने का अवसर प्रदान करेगी।

सिविल सोसाइटी ऑफ़ आगरा के प्रस्ताव को समर्थन देते हुए आगरा के सब से वरिष्‍ठ पार्षद शिरोमणि सिंह ने भी पत्र लिख कर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु, उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ को आग्रह किया है कि आगरा से दो इंटरनेशनल फ्लाइट – इंटरनेशनल उड़न स्कीम के तहत शुरु कि जाएँ। शिरोमणि सिंह ने २०१६ में आगरा नगर निगम में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सर्व सम्मति से प्रस्ताव पास कार्य था। इस प्रस्ताव से आगरा के एयरपोर्ट के विस्तार के द्वार खुल गए थे। वैसे यह कार्य आगरा के जनप्रतिनिधियों का है लेकिन पार्टी से बंधे होने के कारण शहर का विकास पीछे रहता है।
आज की प्रेस वार्ता को अनिल शर्मा, राजीव सक्सेना और शिरोमणि सिंह ने संबोधित किया।

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