अमरीकी सीनेट में रखा गया चीन पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव

वॉशिंगटन। समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार अमरीकी सीनेट में चीन पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा गया है. रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने मंगलावर को ऐसा क़ानून लाए जाने का प्रस्ताव रखा जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चीन पर प्रतिबंध लगाने की ताक़त देगा.
सांसदों ने कहा कि अगर चीन कोरोना वायरस संक्रमण की ‘पूरी जानकारी’ नहीं देता है तो ऐसा होना चाहिए.
सांसद जिम इनहोफ़ ने अपने एक बयान में कहा, “चीन की कम्युनिस्ट सरकार को इस वैश्विक महामारी के लिए ज़िम्मेदार ठहराया ही जानी चाहिए क्योंकि इसमें उसकी भूमिका सुनिश्चित हो चुकी है. चीन ने संक्रमण की शुरुआत के बारे में पूरी तरह से धोखा दिया है और इस धोखे की वजह से दुनिया का क़ीमती वक़्त और ज़िंदगियां बर्बाद हुई हैं.” प्रस्तावित क़ानून का नाम ‘कोविड-19 अकाउंटिबिलिटी बिल’ है.
प्रस्तावित क़ानून के तहत राष्ट्रपति ट्रंप को 60 दिनों के भीतर संसद को बताना होगा कि चीन ने संक्रमण के बारे में पूरी जानकारी दे दी है और इस सम्बन्ध में संयुक्त राष्ट्र या उससे जुड़े संगठन (जैसे कि डब्ल्यूएचओ) अपनी जांच शुरू कर सकते हैं.
क़ानून के तहत ट्रंप को ये भी बताना करना होगा कि चीन ने अपने सबसे ज़्यादा ख़तरे वाले ‘वेट मार्केट’ (पशु बाज़ार) बंद कर दिए हैं और कोविड-10 संक्रमण के बीच गिरफ़्तार किए गए हॉन्ग-कॉन्ग के लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया है.
अगर ये सारी बातें साबित नहीं होती हैं तो डोनाल्ड ट्रंप के पास चीन पर कई तरह की गंभीर पाबंदियां लगाने का अधिकार होगा. जैसे कि संपत्ति फ़्रीज़ करने, यात्रा पर पाबंदी लगाने और वीज़ा रद्द करने, चीनी कंपनियों को अमरीकी बैंकों और बाज़ारों तक पहुंचने से रोक लगाने का अधिकार.
‘कोविड-19 अकाउंटिबिलिटी बिल’ के एक अन्य समर्थक सासंद लिंज़ी ग्राहम ने कहा, “चीन ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को वुहान की लैब में जांच करने देने से इंकार कर दिया है. उन्होंने संक्रमण की शुरुआत के बारे में समझने के लिए भी जांचकर्ताओं को वुहान लैब का एक्सेस नहीं दिया है. मुझे पूरा यक़ीन है कि चीन एक गंभीर जांच में कभी सहयोग नहीं करेगा, जब तक कि उसे ऐसा करने पर मजबूर न किया जाए.”
फ़िलहाल वैक्सीन की गारंटी नहीं: डॉक्टर एंथनी फ़ाउची
अमरीका के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फ़ाउची ने अमरीकी सीनेटर्स को लॉकडाउन खोलने को लेकर चेताया है.
उन्होंने कहा है कि अगर देश में लॉकडाउन हटाने की जल्दबाज़ी की गई तो कोरोना का संक्रमण तेजी से फैलेगा. उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन खोलने के दौरान गाइडलाइंस का ख्याल नहीं रखा गया तो कोरोना संक्रमण लाखों लोगों को अपनी चपेट में लेगा.
उन्होंने बताया कि अमरीका में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या आधिकारिक रूप से 82,000 से ज़्यादा हो गई है.
हालांकि एंथनी फ़ाउची की सलाह अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राय से अलग है.
ट्रंप अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए लॉकडाउन खोलना चाहते हैं. अमरीकी राष्ट्रपति ने इसके लिए गाइडलाइंस भी जारी की हैं.
फ़ाउची मंगलवार को अमरीकी सीनेट को वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए संबोधित कर रहे थे. अमरीका के कई प्रांतों में लॉकडाउन में ढील दी गई है, उन प्रांतों में संक्रमण की दर बढ़ रही है.
एंथनी फ़ाउची ने यह भी कहा कि कोरोना का संक्रमण इस कदर फैल सकता है कि उसे संभालना मुश्किल होगा, वैसी स्थिति में ना केवल अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा बल्कि लोगों की जानें जाएंगी.
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले सितंबर महीने में कोरोना का संक्रमण दोबारा बढ़ सकता है. यह पूरी तरह संभव है. कोरोना संक्रमण के दूसरे दौर का ख़तरा है, इसलिए हमें बेहद प्रभावी ढंग से इसके बचाव के बारे में सोचना होगा.
डॉक्टर फ़ाउची ने ये जानकारी भी दी कि कोरोना के लिए वैक्सीन तैयार करने की कई कोशिशें चल रही हैं लेकिन ये वैक्सीन कब जाकर कारगर होंगी, इसकी गारंटी नहीं है. हालांकि उन्होंने दूसरे वायरसों के अपने अध्ययन का हवाला देते हुए उम्मीद जताई है कि वैक्सीन कारगर होंगी.
-एजेंसियां

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