कोरोना टेस्टिंग के नियम बदलते ही गुजरात में शुरू हुई दिक्‍कतें

अहमदाबाद। गुजरात सरकार ने कोरोना वायरस टेस्टिंग के नियमों में संशोधन किया है। अब कोरोना टेस्ट कराने के लिए किसी भी मरीज को पहले हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ेगा। इस रिवाइज्ड टेस्टिंग पॉलिसी की वजह से पहले से ही Covid-19 महामारी का सामना कर रहे राज्य में दिक्कतें और बढ़ती नजर आ रही हैं। अस्पतालों में बेड फुल हो जाने से मरीजों की जांच करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गुजरात सरकार ने 2 जून को कोरोना टेस्टिंग पॉलिसी में संशोधन किया था। इसके चार दिनों के बाद शनिवार को अहमदाबाद के कई सारे प्राइवेट हॉस्पिटल्स ने कोविड-19 वार्ड में बेड फुल हो जाने की शिकायत की है। अब हॉस्पिटल नए मरीजों को भर्ती करने से मना कर रहे हैं या फिर इंतजार करने के लिए कह रहे हैं। अब सामान्य लोगों के सामने कोरोना जांच कराने के लिए कोई रास्ता नहीं बचा है।
ऐसे तो बदतर हो जाएंगे हालात
डॉक्टर्स का मानना है कि इस संशोधित नियम से गुजरात में हालत बदतर हो जाएंगे। अहमदाबाद मेडिकल एसोसिएशन, अहमदाबाद हॉस्पिटल्स एंड नर्सिंग होम्स एसोसिएशन ने कहा कि जिले में पर्याप्त कोविड-19 बेड नहीं हैं। हॉटस्पॉट अहमदाबाद में हेल्थकेयर सिस्टम प्रभावित होगा। अब स्थिति यह आ गई है कि कोरोना संदिग्धों को लौटाना पड़ रहा है।
लौटाना पड़ रहा है मरीजों को
SAL हॉस्पिटल में सभी 72 कोविड बेड भरे होने की जानकारी मिली। मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर हर्षा पारिख ने बताया, ‘हमें हर रोज करीब 10 मरीजों को वापस लौटाना पड़ रहा है। ऐसे भी मरीज हैं, जिन्हें हमारे कंसल्टेंट ने रिकमेंड किया है लेकिन लौटा दिए जाने पर आगे मरीजों को रिकमेंड भी नहीं किया जा रहा है। ऐसे में वास्तविक स्थिति का पता चलने में दिक्कत आ रही है।’
हर अस्पताल में कोरोना बेड फुल
इसी तरह सीआईएमएस हॉस्पिटल में सभी 100 बेड फुल हो चुके हैं और 20 लोग अभी वेट कर रहे हैं। मेडिलिंक हॉस्पिटल में 32 बेड फुल हैं और रोज 10-12 मरीजों को वापस लौटाया जा रहा है। यही हाल अपोलो हॉस्पिटल का है, जहां पर 45 में से 33 बेड फुल हो चुके हैं। वहीं संजीवनी हॉस्पिटल में 24 में से 22 बेड फुल हो चुके हैं। स्टेर्लिंग हॉस्पिटल में 34 में से 25 बेड्स पर मरीज भर्ती हैं।
अधिकारियों ने कहा- कर रहें हैं चर्चा
गुजरात के स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार अधिकारियों ने टेस्टिंग पॉलिसी में बदलाव करने के लिए समय मांगा है। शुक्रवार को प्रमुख स्वास्थ्य सचिव से इस मसले पर बात की। जिस पर उन्होंने कहा, ‘हम इस पर चर्चा कर रहे हैं। यह मामला विचाराधीन है। हम कोई निर्णय लेंगे।’
-एजेंसियां

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