बसों पर प्रियंका ने कहा, हमें क्रेडिट नहीं परमीशन चाहिए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जारी ‘बस पॉलिटिक्स’ पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जवाब दिया है। प्रियंका ने कहा कि हम लोगों की मदद करना चाहते हैं, इसमें राजनीति ना ढूंढें। बसों की लिस्ट में बाइक और टेम्पो के नंबर होने पर प्रियंका गांधी ने कहा कि अगर ऐसे कुछ नंबर हैं भी हम नए नंबर देने को तैयार हैं। प्रियंका ने यह भी कहा कि हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, आप परमीशन दीजिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आपको क्रेडिट लेना हो तो चाहें तो आप बसों पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का झंडा लगा लीजिए।
पिछले कई दिनों से जारी ड्रामे पर प्रियंका गांधी ने कहा, ‘जितना समय हमने पिछले 24 घंटे में राजनीतिक उलझनों में गंवाया, उतने में हम 92 हजार लोंगों को घर भेज सकते थे। प्रवासी मजदूरों पर राजनीति ठीक नहीं है। मैं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जी से कहना चाहती हूं कि हमारी 500 बसें चार बजे तक खड़ी हैं। हो सके तो उन्हें मंजूरी दें, जिससे प्रवासी मजदूर अपने घर जा सकें। 4 बजे के बाद हम उसी तरह से बसें हटा लेंगे, जैसे पहले भी हटा चुके हैं।’
‘सड़क पर चल रहे लोग ही चलाते हैं देश’
प्रियंका गांधी ने आगे कहा, ‘हम सबको अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सड़क पर चल रहे वो लोग हैं, जिन्होंने भारत देश बनाया है और उनके खून-पसीने से देश चलता है। मेरी, आपकी, हर राजनीतिक दल की और हर सरकार की इनके प्रति जिम्मेदारी है। यह राजनीति करने का वक्त नहीं है। बहुत ही स्पष्ट हूं कि हर राजनीतिक दल अपने राजनीतिक परहेज को दूर करते हुए सकारात्मक भाव से, सेवा भाव से लोगों की मदद में शामिल हों।’
‘अब तक कांग्रेसियों ने की 67 लाख की मदद’
लॉकडाउन की शुरुआत ही लोगों की मदद का दावा करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, ‘हमारे कार्यकर्ताओं ने शहर से लेकर गांव तक अभी तक 67 लाख लोगों की मदद की है। इसमें 60 लाख लोग उत्तर प्रदेश के ही हैं और बाकी सात लाख लोग उत्तर प्रदेश के बाहर फंसे थे, जिनको खाने-पीने और अन्य जरूरी चीजों की मदद की गई है। हम मदद करना चाह रहे हैं। शुरू से ही हमारी भावना सकारात्मक रही है।’
बसों के प्रस्ताव पर प्रियंका गांधी ने कहा, ‘जब हमने हादसों की घटनाएं देखीं और देखा कि यूपी रोडवेज की बसें सक्रिय नहीं हुई हैं तो हमने यूपी के सीएम को हजार बसें चलाने का प्रस्ताव दिया। अगले ही दिन मुख्यमंत्री जी ने कहा कि रोडवेज की 12 हजार बसें हैं, उन्हीं की मदद ली जाएगी। उनके जवाब के बाद हमने नोएडा-गाजियाबाद में बंसें लगाई थीं, उन्हें हटा लिया।’
‘बसें चलतीं तो घर पहुंच गए होते 92 हजार मजदूर’
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा, ’17 तारीख को गाजियाबाद बॉर्डर पर हमने 500 बसे खड़ी की थीं, ये बसें चली होतीं तो कम से कम 20 हजार लोग सही सलामत पहुंच जाते। 19 तारीख को हमने 900 बसें (500 यूपी-राजस्थान बॉर्डर और कुछ गाजियाबाद बॉर्डर पर) उपलब्ध कराईं, ऐसे में कल और आज को मिलाकर 36 हजार लोग घर पहुंच जाते। मुख्यमंत्री से आग्रह करती हूं कि हमारी बसें 4 बजे तक खड़ी हैं, आप अनुमति दीजिए तो हम उनका संचालन करेंगे, हां, अगर अनुमति नहीं मिलती है तो हम इन बसों को वापस भेज देंगे।’
-एजेंसी

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