प्रधानमंत्री ने Namo App के जरिए उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों से बात की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को Namo App के जरिए उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि 2014 तक 13 करोड़ लोगों को ही एलपीजी कनेक्शन मिला था जबकि उनकी सरकार ने 4 साल में 10 करोड़ लोगों को नए कनेक्शन दिए। पीएम ने सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार को रोकने की अपनी मंशा भी साफ जाहिर की। ओडिशा की सुष्मिता से बात करते समय प्रधानमंत्री ने कहा कि कभी कोई बिचौलिया पैसा मांगे तो मत देना, तुरंत मुझे चिट्ठी भेज देना। पीएम ने मुंशी प्रेमचंद की कहानी ‘ईदगाह’ के बच्चे हामिद का भी जिक्र किया जो अपनी दादी के लिए चिमटा खरीदकर लाता है।
पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों के समय ज्यादातर अमीर लोगों को एलपीजी कनेक्शन मिलता था लेकिन 2014 के बाद उज्ज्वला योजना ने गरीबों, निचले तबके के लोगों, दलितों, आदिवासियों की जिंदगी को सशक्त बनाया है। सामाजिक सशक्तीकरण में यह एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि उज्जवला से बहुत लाभ हुए हैं, खासकर स्वास्थ्य के लिहाज से। आज इस योजना ने नारी शक्ति को जानलेवा धुंए से आजादी दी है।
प्रेमचंद की कहानी ‘ईदगाह’ की चर्चा
इस दौरान पीएम ने मुंशी प्रेमचंद की एक कहानी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘मुझे मुंशी प्रेमचंद की मशहूर कहानी ईदगाह याद आती है। प्रेमचंद ने 1933 में लिखी थी। इस कहानी का मुख्य किरदार एक बच्चा हामिद है, जो मिठाई न खरीदकर दादी के लिए चिमटा लेकर आता है ताकि खाना बनाते समय उनके हाथ न जलें।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कहानी आज भी मुझे प्रेरणा देती है जबकि इतनी बड़ी सामाजिक चुनौती को पहले की सरकारों ने प्राथमिकता में नहीं रखा था।
उन्होंने बताया कि हम जल्द ही सभी परिवारों तक खाना बनाने के लिए LPG गैस कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना से लकड़ियों के लिए वनों का कटाव कम हुआ है। स्वच्छ ईंधन-स्वस्थ भारत, ग्रामीण व गरीब महिलाओं का सशक्तीकरण हुआ है और यह उन महिलाओं से बेहतर कौन बता सकता है जिन्होंने कई साल चूल्हे फूंकने में बिता दिए हैं।
उन्होंने बताया, ‘मेरी मां खाना पकाती थीं तो छत पर जाकर छेद करती थीं जिससे धुआं ऊपर चला जाए। नारी के स्वास्थ्य का सम्मान किया है उज्ज्वला ने।’
बचपन की घटना का किया जिक्र
उन्होंने अपने बचपन को याद करते हुए कहा कि ‘मैं जब छोटा था तो बड़े लोग ऐसी बातें करते थे कि गैस से आग लग सकती है पर उनके पास कनेक्शन होता था।’
उन्होंने बताया कि 4 करोड़ परिवारों को उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त कनेक्शन दिया गया। अब सरकार ने लक्ष्य 8 करोड़ कर दिया है। 2020 तक हम इस काम को पूरा करना चाहते हैं, इसके लिए 5 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त आवंटन कर कुल राशि को 13,000 करोड़ किया गया है।
उन्होंने कहा कि पहले सांसदों, विधायकों से सिफारिश करने पर ही सिलेंडर मिलते थे। बड़े लोगों के पास ही गैस कनेक्शन होता था। आज देश में हर 100 परिवार में से 81 परिवार ऐसे हैं, जिनके घर में गैस का कनेक्शन है। हम सभी परिवारों तक LPG कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।
महिलाओं को मिला ज्यादा समय
उन्होंने कहा कि LPG ने महिलाओं की कार्य क्षमता भी बढ़ा दी है। उनका समय बचा है और दूसरे काम में अब वह ज्यादा समय दे पा रही हैं। एलपीजी स्वच्छ ईंधन से पर्यावरण की सुरक्षा भी हो रही है। स्वच्छ ईंधन से स्वस्थ भारत बन रहा है। अब तक जिन 4 करोड़ बीपीएल परिवारों को कनेक्शन दिए गए हैं उनमें 45 फीसदी लाभार्थी दलित परिवारों से हैं।
उज्ज्वला का लाभ आसानी से मिल सके, इसके लिए एलपीजी पंचायत भी शुरू हुई है। यहां लोगों को गैस के बारे में जानकारी दी जाती है। पीएम ने बताया कि इस वर्ष 1 लाख पंचायत करने की योजना बनाई गई है। एलपीजी पंचायत के माध्यम से सुरक्षा को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, मुद्रा योजना आदि का भी जिक्र किया।
…और जब हंस पड़े प्रधानमंत्री
मजाकिया लहजे में मोदी ने ओडिशा की सुष्मिता से पूछा कि अब आप कौन सी अच्छी सी डिश बनाती हैं, जिसे खाना आपके बच्चों को अच्छा लगता है। इस पर सुष्मिता ने कहा कि वह बच्चों के लिए मैगी और चाऊमीन समेत चटपटी चीजें झट से बना लेती हैं। इस पर प्रधानमंत्री हंस पड़े। पीएम ने कहा कि चाय झट से बन जाती होगी तो परिवार में झगड़ा भी नहीं होता होगा।
-एजेंसी

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