कैरिब‍ियाई देश बाराबडोस की प्रधानमंत्री भी मोदी की मुरीद हुईं

ब्रिजटाउन। दुनियाभर के देशों को वैक्‍सीन मैत्री अभियान के तहत कोरोना वायरस वैक्‍सीन की लाखों डोज मुफ्त में देने के बाद खुद कोविड-19 टीका लगवाने पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जमकर प्रशंसा हो रही है। कैरिब‍ियाई देश बाराबडोस की प्रधानमंत्री मिआ अमोर मोटले तो पीएम मोदी की इस उदारता की मुरीद हो गई हैं। उन्‍होंने खुद ट्वीट करके प्रधानमंत्री मोदी के अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य की कामना की।
पीएम मोटले ने लिखा, ‘पीएम मोदी ने खुद कोरोना वायरस टीका लगवाने से पहले बाराबडोस के 40 हजार लोगों और दुनिया के लाखों लोगों के लिए यह संभव बनाया कि वे वैक्‍सीन मैत्री के जरिए कोविड-19 वैक्‍सीन हासिल कर सकें। यह उनकी उदारता का वास्‍तविक प्रदर्शन है। बहुत बहुत धन्‍यवाद और मैं आपके अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य की कामना करती हूं।’ इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राजधानी दिल्ली के AIIMS में कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज लगवाई थी।
भारत को कोविड-19 मुक्त करने में योगदान देने की अपील की
वैक्सीन लगवाने के साथ ही पीएम मोदी ने सभी लोगों से भारत को कोविड-19 मुक्त करने में योगदान देने की अपील भी किया था। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, “मैंने एम्स में कोविड-19 वैक्सीन का पहला डोज ले लिया। कोविड-19 के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने में हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने जितनी तेजी से काम किया, वह उल्लेखनीय है।” पीएम ने लोगों से वैक्सीन लेकर भारत को कोविड महामारी से मुक्त करने में सहयोग की गुहार लगाई। उन्होंने कहा, “मैं उन सभी से वैक्सीन लेने का आग्रह करता हूं जो इसके लिए योग्य हैं। आइए, हमसब मिलकर भारत को कोविड-19 मुक्त बना दें।”
पीएम मोदी को भारत बायोटेक की बनाई कोविड वैक्‍सीन Covaxin दी गई है। इस वैक्‍सीन को पिछले महीने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की बनाई Covishield के साथ इमर्जेंसी यूज की मंजूरी दी गई थी। मोदी ने Covaxin लगवाकर सिर्फ वैक्‍सीन से जुड़ी संदेहों को ही नहीं दूर किया, उन्‍होंने एक तीर से कई शिकार किए हैं। भारत में 16 जनवरी 2021 से कोरोना वायरस टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था। उससे पहले, 3 जनवरी को Covishield और Covaxin को मंजूरी दी गई थी।
Covishield को ऑक्‍सफर्ड यूनिवर्सिटी और अस्‍त्राजेनेका के रिसर्चर्स ने डिवेलप किया है जबकि Covaxin को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और भारत बायोटेक ने। Covishield का फेज 3 ट्रायल पूरा होने के बाद उसे अप्रूवल मिला था जबकि Covaxin तब फेज 3 ट्रायल से गुजर रही थी। ऐसे में Covaxin को लेकर सवाल उठाने वालों की कमी नहीं थी। विपक्षी सदस्यों की तरफ से Covaxin को कई बार कठघरे में खड़ा किया गया था।
-एजेंसियां

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