लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी का उद्घोष, भारत की संप्रभुता का सम्मान हमारे लिए सर्वोच्च

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट पहुंचे
प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट पहुंचे

नई दिल्‍ली। भारत आज अपना 74वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. प्रधानमंत्री ने सुबह सात बजकर 18 मिनट पर लाल किले के प्राचीर से ध्वजारोहण किया. इससे पहले प्रधानमंत्री राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट पहुंचे थे.
प्रधानमंत्री ने तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित किया. उनका संबोधन डेढ़ घंटे चला. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत देशवासियों को बधाई देने से की. इससे पहले उन्होंने ट्वीट करके भी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना दी थी.
भारत की संप्रभुता का सम्मान हमारे लिए सर्वोच्च
इस अवसर पर पीएम मोदी ने चीन का नाम लिए बिना निशाना साधते हुए कहा, “देश के लिए हमारे वीर जवान क्या कर सकते हैं, दुनिया ने ये लद्दाख में देख लिया है.”
दिल मिलने वाले देश भी भारत के पड़ोसी
पीएम ने पाकिस्‍तान, चीन, नेपाल जैसे देशों को संदेश देने के लिए इस बार पड़ोसी की परिभाषा ही बदल दी. उन्‍होंने बताया कि सीमा से मिलने वाले देश ही पड़ोसी नहीं होते, बल्कि जिनसे दिल मिलते हैं, वो देश भी भारत के पड़ोसी हैं.
उन्‍होंने कहा कि हमारे पड़ोसी चाहे ज़मीन से जुड़े हों या समंदर से. हम उन सभी पड़ोसी देशों को जोड़ रहे हैं. हम अपने पड़ोसी देशों के साथ आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को और गहरा कर रहे हैं. दक्षिण एशिया में दुनिया की एक चौथाई आबादी रहती है.
दक्षिण एशिया के नेताओं को इस विशाल आबादी के विकास में साथ मिलकर काम करने की ज़रूरत है. इस पूरे इलाक़े में जितनी शांति होगी, उतनी ही यह मानवता के हित में होगा. आज सिर्फ़ पड़ोसी वही नहीं हैं जिनसे हमारी भौगोलिक सीमाएं मिलती हैं, बल्कि वो भी हैं जिनसे दिल मिलता है.
बीते कुछ समय में भारत ने अपने संबंधों को और मज़बूत किया है. पश्चिम एशिया से हमारे संबंध और गहरे हुए हैं. इन देशों के साथ ऊर्जा क्षेत्र में भागीदारी बहुत अहम है. इन देशों में बड़ी संख्या में हमारे भारतीय भाई-बहन काम कर रहे हैं. इन देशों ने कोरोना काल में भारतीयों की जिस तरह से मदद की उसके प्रति हम आभार प्रकट करते हैं.
जम्मू-कश्मीर में शरणार्थियों के गरिमापूर्ण जीवन का साल
पीएम ने कहा कि ये एक साल जम्मू-कश्मीर की एक नई विकास यात्रा का साल है. ये एक साल जम्मू-कश्मीर में महिलाओं, दलितों को मिले अधिकारों का साल है. ये जम्मू कश्मीर में शरणार्थियों के गरिमापूर्ण जीवन का भी एक साल है.
हम सभी के लिए गर्व की बात है कि जम्मू-कश्मीर में स्थानीय इकाइयों के जनप्रतिनिधि सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ विकास के नए युग को आगे बढ़ा रहे हैं.
बीते वर्ष लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाकर, वहां के लोगों की बरसों पुरानी मांग को पूरा किया गया है. हिमालय की ऊंचाइयों में बसा लद्दाख आज विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए आगे बढ़ रहा है.
जिस प्रकार से सिक्कम ने ऑर्गैनिक स्टेट के रूप में अपनी पहचान बनाई है, वैसे ही आने वाले दिनों में लद्दाख अपनी पहचान एक कार्बन न्यूट्रल क्षेत्र के तौर पर बनाए, इस दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है.
महिला शक्ति ने हर अवसर पर देश का नाम रोशन किया
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा अनुभव कहता है कि भारत में महिलाशक्ति को जब-जब भी अवसर मिले, उन्होंने देश का नाम रोशन किया, देश को मजबूती दी है.
आज भारत में महिलाएं अंडरग्राउंड कोयला खदानों में काम कर रही हैं तो लड़ाकू विमानों से आसमान की बुलंदियों को भी छू रही हैं.
देश के जो 40 करोड़ जनधन खाते खुले हैं, उसमें से लगभग 22 करोड़ खाते महिलाओं के ही हैं.
कोरोना के समय में अप्रैल-मई-जून, इन तीन महीनों में महिलाओं के खातों में करीब-करीब 30 हजार करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए गए हैं.
वैक्सीन्स इस समय टेस्टिंग के चरण में हैं
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना को लेकर नागरिकों को चिंता है. सब यह जानना चाहते हैं कि वैक्सीन कब आएगी. मैं आपको बताना चाहता हूं कि भारत में एक नहीं, बल्कि तीन-तीन वैक्सीन अलग-अलग चरणों में ट्रायल की प्रक्रिया में हैं. एक बार मंज़ूरी मिलने के बाद हम व्यापक पैमाने पर इसका उत्पादन करेंगे.
नेशनल डिज़िटल हेल्थ मिशन की शुरुआत की जाएगी. सभी नागरिकों को एक हेल्थ आईडी दी जाएगी और इसमें हेल्थ से जुड़े सभी रिकॉर्ड रहेंगे.
आत्मनिर्भर कृषि और आत्मनिर्भर किसान, आत्म-निर्भर भारत की प्राथमिकता
उन्‍होंने बताया कि देश के किसानों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर देने के लिए कुछ दिन पहले ही एक लाख करोड़ रुपए का ‘एग्रीकल्चर इनफ्रास्ट्रक्चर फंड’ बनाया गया है.
इसी लाल किले से पिछले वर्ष मैंने जल जीवन मिशन का ऐलान किया था. आज इस मिशन के तहत अब हर रोज एक लाख से ज्यादा घरों को पानी के कनेक्शन से जोड़ने में सफलता मिल रही है.
मध्यम वर्ग से निकले प्रोफेशनल्स भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में अपनी धाक जमाते हैं. मध्यम वर्ग को अवसर चाहिए, मध्यम वर्ग को सरकारी दखलअंदाजी से मुक्ति चाहिए.
ये भी पहली बार हुआ है जब अपने घर के लिए होम लोन की EMI पर भुगतान अवधि के दौरान 6 लाख रुपए तक की छूट मिल रही है. अभी पिछले वर्ष ही हजारों अधूरे घरों को पूरा करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपए के फंड की स्थापना हुई है.
एक आम भारतीय की शक्ति, उसकी ऊर्जा, आत्मनिर्भर भारत अभियान का बहुत बड़ा आधार है. इस ताकत को बनाए रखने के लिए हर स्तर पर, निरंतर काम हो रहा है.
आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में, आधुनिक भारत के निर्माण में, नए भारत के निर्माण में, समृद्ध और खुशहाल भारत के निर्माण में, देश की शिक्षा का बहुत बड़ा महत्व है. इसी सोच के साथ देश को एक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति मिली है.
कोरोना के समय में हमने देख लिया है कि डिजिटल भारत अभियान की क्या भूमिका रही है. अभी पिछले महीने ही करीब-करीब 3 लाख करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन अकेले BHIM UPI से हुआ है.
साल 2014 से पहले देश की सिर्फ 5 दर्जन पंचायतें ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ी थीं. बीते पांच साल में देश में डेढ़ लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा गया है.
आने वाले 1000 दिन में देश के हर गांव को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जाएगा.
मेक इन इंडिया के साथ-साथ मेक फोर वर्ल्ड के साथ आगे बढ़ना होगा
पीएम ने कहा कि आज दुनिया की बहुत बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत का रुख़ कर रही हैं. हमें मेक इन इंडिया के साथ-साथ मेक फोर वर्ल्ड के मंत्र के साथ आगे बढ़ना है.
भारत को आधुनिकता की तरफ़, तेज़ गति से ले जाने के लिए देश के कुल मिलाकर इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट को एक नई दिशा देने की जरूरत है. ये जरूरत पूरी होगी- नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन प्रोजेक्ट से.
इस पर देश 100 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. अलग-अलग सेक्टर्स के लगभग 7 हजार प्रोजेक्ट्स की पहचान भी की जा चुकी है. ये एक तरह से इंफ्रास्ट्रक्चर में एक नई क्रांति की तरह होगा.
किसी समाज, किसी भी राष्ट्र की आज़ादी का स्रोत उसका सामर्थ्य होता है, और उसके वैभव का, उन्नति प्रगति का स्रोत उसकी श्रम शक्ति होती है.
हमारे देश का सामान्य नागरिक, चाहे शहर में रह रहा हो या गांव में, उसकी मेहनत, उसके परिश्रम का कोई मुकाबला नहीं है.
7 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए गए, राशनकार्ड हो या न हो, 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त अन्न की व्यवस्था की गई, बैंक खातों में करीब-करीब 90 हजार करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए गए हैं.
कुछ वर्ष पहले तक ये सब कल्पना भी नहीं की जा सकती थी कि इतना सारा काम, बिना किसी लीकेज के हो जाएगा, गरीब के हाथ में सीधे पैसा पहुंच जाएगा. अपने इन साथियों को अपने गाँव में ही रोजगार देने के लिए गरीब कल्याण रोजगार अभियान भी शुरू किया गया है.
वोकल फॉर लोकल, Re-Skill और Up-Skill का अभियान, गरीबी की रेखा के नीचे रहने वालों के जीवनस्तर में आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था का संचार करेगा.
विकास के मामले में देश के कई क्षेत्र भी पीछे रह गए हैं. ऐसे 110 से ज्यादा आकांक्षी जिलों को चुनकर, वहां पर विशेष प्रयास किए जा रहे हैं ताकि वहां के लोगों को बेहतर शिक्षा मिले, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, रोजगार के बेहतर अवसर मिले.
-एजेंसियां

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